झारखंड के धनबाद जिले में पुलिस ने फर्जी लॉटरी टिकट के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। चिरकुंडा थाना क्षेत्र के बाबुडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के बंद पड़े जर्जर भवन में संचालित अवैध मिनी प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी कर पुलिस ने करीब 1.5 करोड़ रुपये मूल्य के जाली लॉटरी टिकट, अत्याधुनिक प्रिंटिंग उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक मशीनें बरामद की हैं। इस कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के कई सदस्य मौके से फरार होने में सफल रहे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क झारखंड के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ तक सक्रिय था।

शनिवार को धनबाद ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने प्रेस वार्ता में बताया कि वरीय अधिकारियों को मिली गुप्त सूचना के आधार पर निरसा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने बाबुडंगाल मोड़ स्थित बीसीसीएल के परित्यक्त भवन की घेराबंदी कर कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के नाम से छपे अलग-अलग मूल्य के 95 बंडल फर्जी लॉटरी टिकट बरामद किए। इसके अलावा 9 प्रिंटर, 2 बड़े जेरॉक्स मशीन, पेपर कटर, स्टेपलर, इन्वर्टर, बैटरी, स्टेबलाइजर सहित बड़ी मात्रा में प्रिंटिंग और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए। मौके से एक बुलेट मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसका इस्तेमाल गिरोह द्वारा किए जाने की आशंका है।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने सावलापुर कालुबथान निवासी स्वरूप मल्लिक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह प्रकाश सिंह, भानु प्रताप सिंह, जय सिंह उर्फ पिंटा उर्फ भगत सिंह, पिठरकियारी निवासी ननहकु तथा अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी लॉटरी टिकट छापने और उन्हें विभिन्न राज्यों में सप्लाई करने के नेटवर्क का हिस्सा था। पुलिस के अनुसार गिरोह लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय था और बड़े पैमाने पर नकली लॉटरी टिकट बाजार में खपा रहा था।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के मुख्य आरोपियों का पहले से आपराधिक इतिहास रहा है। प्रकाश सिंह और जय सिंह उर्फ पिंटा के खिलाफ झारखंड और बिहार के विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इनके वित्तीय लेन-देन, नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और फर्जी लॉटरी टिकट की सप्लाई चेन की गहन जांच कर रही है।
इस मामले में चिरकुंडा थाना में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं और लॉटरी विनियमन अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह से जुड़े कई और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है और इस अवैध कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
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