जमशेदपुर के मानगो में सुवर्णरेखा नदी के तटवर्ती इलाके में अतिक्रमण हटाने पहुंची प्रशासन की टीम को शुक्रवार को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। मामला मानगो नगर निगम के वार्ड संख्या 8 स्थित चाणक्यपुरी का है, जहां नदी किनारे बने तीन मकानों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, सुवर्णरेखा नदी के किनारे सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर पहले से ही प्रशासनिक कार्रवाई चल रही है। एनजीटी के निर्देश के बाद नदी तट से अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित परिवारों को नोटिस भी दिए गए थे। इससे पहले मानगो क्षेत्र में नदी किनारे कुल 16 मकानों को अतिक्रमण की कार्रवाई के दायरे में रखा गया था।
शुक्रवार को प्रशासनिक टीम चाणक्यपुरी पहुंची और तीन मकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू की। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल की मौजूदगी में घरों को तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से एक सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत देने की मांग की। प्रभावित परिवारों का कहना था कि अचानक घर खाली करने और उसे तोड़े जाने से उनके सामने सामान सुरक्षित निकालने तथा रहने के लिए वैकल्पिक जगह तलाशने की समस्या खड़ी हो गई है। परिवारों ने कम से कम सात दिन का समय देने की अपील की, ताकि वे अपना सामान हटा सकें और दूसरी जगह रहने की व्यवस्था कर सकें।
हालांकि, प्रशासन ने एनजीटी के निर्देश और पूर्व में जारी नोटिस के आधार पर कार्रवाई जारी रखी। विरोध के बावजूद मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। इससे प्रभावित परिवारों के सामने अब रहने के लिए आशियाने और पुनर्वास की गंभीर चिंता खड़ी हो गई है।
मानगो में सुवर्णरेखा नदी के किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर पहले भी स्थानीय लोगों ने पुनर्वास की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यदि उन्हें नदी किनारे से हटाया जा रहा है, तो प्रभावित परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था भी की जानी चाहिए।
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