बिहार के मुजफ्फरपुर जीले में प्रसाद अस्पताल के ICU में लगी भीषण आग ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। बता दें कि इस ICU दुर्घटना ने अब राजनितिक तूल पकड़ लिया है,इस ICU दुर्घटना को लेकर पक्ष -विफक्ष नेताओं के बयान आने लगे है।अगर पूरे मामले की बात करें तो मुजफ्फरपुर प्रसाद अस्पताल के ICU में भीषण आग लग गई जिसके कारण पांच लोगों की जान चली गई,जबकि 20 से ज़्यादा लोग झुलस गए।

ICU में दुर्घटना मरे हुए मरिजों का नाम कुछ इस तरिके से बताया जा रहा है। जिसमें 2 महिलाएं भी शामिल है।
इस घटना के बाद, पूरे राज्य में अस्पतालों की सुरक्षा प्रोटोकॉल और राज्य के स्वास्थ मंत्री निशांत कूमार को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है।
पक्ष -विफक्ष का बयानबाजी उस वक्त तेज हो गई जब बिहार के स्वास्थ मंत्री पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। एयर पोर्ट पर पत्रकारों ने दुर्घटना को लेकर स्वास्थ मंत्री को लेकर सवाल किया तो स्वास्थ मंत्री निशांत कुमार पत्रकारों के सवालों से बचते नजर आय।
स्वास्थ मंत्री के इस चुपी को देखते हुए विपक्ष नेताओं का कहना है कि स्वास्थ मंत्री जवाबदेही नहीं बनना चाहते है,राज्य में ऐसी घटना के बावजूद भी दिल्ली निकल गए इनको बिहार के जनता का कोई परवाह नहीं है ।
बिहार के स्वास्थ व्यस्था
जानकारी के अनुसार अगर राज्य में ऐसी घटनाएं होती है तो ये बिहार राज्य के स्वास्थ व्यस्था के लिए यह एक तमाचा है। बता दें कि कई सारे सगंठनों का रिपोर्ट अनुसार बिहार के अस्पतालों में बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन की कमी है, जिसके कारण आम जनता को अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है।अगर नीति आयोग की रिपोर्ट को माने तो बिहार के मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर जैसे बुनियादी स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की अभी भी काफी गुंजाइश है।
मुजफ्फरपुर के इस घटना ने बिहार के राजनिति कोआग देने का काम किया है साथ बिहार के स्वास्थ व्यवस्था को सवाल के घेरे में डाल दिया है।
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