हज़ारीबाग में हर कोई DFO मौन प्रकाश के गलत कामों से परेशान है। आम आदमी से लेकर बड़े-बड़े लोग तक भी DFO की भ्रष्ट हरकतों के बारे में बात कर रहा है। कांग्रेस नेता और बरही विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने हज़ारीबाग के DFO मौन प्रकाश पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि बरही रेस्ट हाउस में एक नया पार्क बनाने के काम में बहुत बड़ा घोटाला हुआ है।

DFO मौन पर आरोप लगाते हुए उमाशंकर अकेला ने कहा कि पार्क का काम शुरू होने से पहले ही उसके लिए पैसे निकाल लिए गए थे। इसके विरोध में उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री वित्त मंत्री और विभाग के अधिकारियों समेत कई लोगों को चिट्ठियाँ लिखी हैं और DFO के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
उमाशंकर अकेला ने जोर देकर कहा कि जनता के पैसे का गलत इस्तेमाल किया गया और कोई भी असली काम शुरू होने से पहले ही, उन पैसों को मनमाने ढंग से अपने जान-पहचान वालों में बांट दिया गया। उन्होंने कहा कि DFO मौन का भ्रष्टाचार इतना ज़्यादा है कि उसे शब्दों में बयान करना मुश्किल है। अकेला ने बताया कि मुख्यमंत्री और कई दूसरे अधिकारियों को चिट्ठियाँ लिखने के बाद भी, अब तक मौन प्रकाश के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उमाशंकर अकेला ने ऐलान किया कि वह मौन प्रकाश के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने और उसके भ्रष्टाचार और गलत कामों को सबके सामने लाने के लिए मुख्यमंत्री से खुद मिलकर बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मौन प्रकाश के खिलाफ सिर्फ़ अनुशासनात्मक कार्रवाई ही नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसकी संपत्ति की भी पूरी जांच होनी चाहिए।उमाशंकर ने कहा कि वह इस मामले में एक और चिट्ठी लिखेंगे ताकि कार्रवाई की अपनी मांग को फिर से दोहरा सके। उन्होंने आगे कहा कि वह मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव से मिलकर इस मामले में तुरंत कार्रवाई करने के लिए दबाव भी डालेंगे।





