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रामगढ़ में 2 विधानसभाओं को जोड़ने वाली चचरी पुल से परेशान हैं लोग, अबुआ सरकार से ग्रामीणों की पक्के पुल की मांग

On: June 4, 2026 1:54 PM
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रामगढ़ में 2 विधानसभाओं को जोड़ने वाली चचरी पुल से परेशान हैं लोग, अबुआ सरकार से ग्रामीणों की पक्के पुल की मांग
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झारखंड में अबुआ सरकार के गठन के बाद ग्रामीण इलाकों के लोगों में विकास कार्यों को लेकर नई उम्मीदें जागी हैं। इसी उम्मीद की एक तस्वीर रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत गेरैयाटांड़ स्थित दामोदर नदी के किनारे देखने को मिल रही है जहां वर्षों से ग्रामीण अपने संसाधनों से बनाए गए चचरी पुल के सहारे आवागमन कर रहे हैं। यह पुल आज भी हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बना हुआ है और ग्रामीणों को एक गांव से दूसरे गांव तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

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गेरैयाटांड़ के ग्रामीणों का कहना है कि दामोदर नदी पर स्थायी पुल नहीं होने के कारण उन्हें लंबे समय से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि स्थानीय लोगों द्वारा बनाया गया चचरी पुल सामान्य दिनों में आवागमन का एकमात्र सहारा है। लेकिन बरसात के मौसम में यही पुल खतरे और परेशानी का कारण बन जाता है। नदी का जलस्तर बढ़ते ही लोगों की आवाजाही प्रभावित हो जाती है और कई बार जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।

ग्रामीणों के अनुसार इस पुल से प्रतिदिन हजारों लोग गुजरते हैं। छात्र-छात्राएं,किसान,मजदूर,व्यापारी और अन्य आम नागरिक अपने दैनिक कार्यों के लिए इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। आसपास के कई गांवों के लिए यह चचरी पुल जीवनरेखा की तरह है। यदि यह पुल नहीं हो तो लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए कई किलोमीटर की ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है जिससे समय और आर्थिक नुकसान दोनों बढ़ जाते हैं।

टीवी 45 की टीम जब गेरैयाटांड़ स्थित चचरी पुल पर पहुंची तो वहां से गुजर रहे लोगों से विशेष बातचीत की गई। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई वर्षों से इसी पुल के सहारे जीवन की यात्रा तय कर रहे हैं। उनका कहना है कि अब तक कई जनप्रतिनिधि आए और गए लेकिन किसी ने भी स्थायी पुल निर्माण की दिशा में गंभीर पहल नहीं की। लोगों का मानना है कि यदि दामोदर नदी पर एक मजबूत पुल बन जाए तो क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी और हजारों लोगों की परेशानी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी।

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ग्रामीणों ने झारखंड सरकार से मांग की है कि उनकी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। लोगों का कहना है कि अबुआ सरकार से उन्हें काफी उम्मीदें हैं और वे चाहते हैं कि सरकार उनकी आवाज सुने। ग्रामीणों को विश्वास है कि यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाती है तो गेरैयाटांड़ समेत आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी जिससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी।

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