New Delhi: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश (Cloud Seeding) कराने की संभावनाओं पर दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार इस तकनीक का इस्तेमाल करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए मौसम की अनुकूल परिस्थितियों का इंतजार किया जा रहा है।

IIT कानपुर के साथ समन्वय- सौरभ भारद्वाज
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि कृत्रिम बारिश की तकनीक के लिए दिल्ली सरकार IIT कानपुर के विशेषज्ञों के साथ लगातार संपर्क में है। IIT कानपुर ने क्लाउड सीडिंग के जरिए कृत्रिम बारिश कराने में विशेषज्ञता हासिल की है। उन्होंने कहा, “जैसे ही मौसम वैज्ञानिक हमें बताएंगे कि बादल कृत्रिम बारिश के लिए उपयुक्त हैं, हम यह प्रक्रिया शुरू करने के लिए तैयार हैं।”
अनुकूल मौसम का इंतजार
कृत्रिम बारिश के लिए (Sourabh Bhardwaj) बादलों में पर्याप्त नमी और कुछ अन्य मौसम संबंधी कारकों का होना आवश्यक है। मंत्री भारद्वाज ने स्पष्ट किया कि दिल्ली सरकार और IIT कानपुर की टीमें मौसम पर करीब से नजर रख रही हैं। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह से वैज्ञानिक प्रक्रिया है और इसके लिए सही मौसमी दशाओं का होना जरूरी है। बिना उपयुक्त बादलों के क्लाउड सीडिंग नहीं की जा सकती।”
प्रदूषण से निपटने का प्रयास
दिल्ली हर साल सर्दियों के मौसम में गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ जाती है। पराली जलाने, वाहनों के धुएं और मौसमी कारकों के चलते हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर तक गिर जाती है। कृत्रिम बारिश को प्रदूषण के कणों को जमीन पर बैठाने और हवा को साफ करने के एक संभावित उपाय के तौर पर देखा जा रहा है। दिल्ली सरकार ने पिछले साल भी इस पर विचार किया था और हाल ही में परीक्षण उड़ानें भी आयोजित की गई हैं।
सौरभ भारद्वाज ने भरोसा दिलाया कि जैसे ही मौसम अनुकूल होगा, सरकार प्रदूषण से राहत दिलाने के लिए कृत्रिम बारिश कराने में देर नहीं करेगी।
यह भी पढ़ें: Patna: महागठबंधन पर चिराग पासवान के बयान पर मुकेश साहनी का पलटवार





