पाकुड़ जिले के हिरणपुर में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ भक्तिमय माहौल और पारंपरिक उत्साह के बीच हुआ। हिरणपुर स्थित डाक बंगला परिसर में आदिवासी नृत्य के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा के अनूठे संगम ने कार्यक्रम को खास बना दिया। कलश यात्रा के दौरान मां दुर्गा के जयकारों से वातावरण गूंज उठा और श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में शामिल हुए।
आदिवासी नृत्य के साथ निकली कलश यात्रा
शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन आयोजित कलश यात्रा डाक बंगला परिसर से शुरू हुई। पारंपरिक आदिवासी नृत्य ने यात्रा में विशेष आकर्षण जोड़ा। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली इस यात्रा में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ भाग लिया। धार्मिक उत्साह के साथ निकली कलश यात्रा ने पूरे क्षेत्र में नवरात्र की रौनक बढ़ा दी।

नगर भ्रमण के बाद श्रद्धालु तालाब पहुंचे, जहां मंत्रोच्चार के बीच कलश में जल भरा गया। इसके बाद यात्रा वापस डाक बंगला परिसर पहुंची। यहां वैदिक रीति-रिवाजों और विधि-विधान के साथ कलश स्थापना की गई। इस दौरान पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा परिसर भक्तिमय बना रहा।
मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई आराधना
कलश स्थापना के बाद नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। श्रद्धालुओं ने मां शैलपुत्री के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना का विशेष महत्व है। इसी के साथ नौ दिनों तक चलने वाले देवी पूजन, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई।
नौ दिनों तक होगी मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा
हिरणपुर के डाक बंगला परिसर में नवरात्र को लेकर भक्तिमय माहौल बना हुआ है। आयोजन के दौरान अगले नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही अलग-अलग दिनों में विविध धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाने की तैयारी है।

भव्य कलश यात्रा, वैदिक मंत्रोच्चार और आदिवासी नृत्य ने नवरात्र के शुभारंभ को यादगार बना दिया। धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं की झलक ने आयोजन को विशेष पहचान दी। श्रद्धालुओं में नवरात्र को लेकर उत्साह है और आने वाले दिनों में पूजा-अर्चना तथा कार्यक्रमों के जरिए क्षेत्र में उत्सवी माहौल बने रहने की उम्मीद है।






