Gaya News: बिहार के गया जिले में स्थित बीएमपी-3 (बिहार मिलिट्री पुलिस) परिसर में तैनात सब-इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव बैरक के कमरे में पंखे से लटका हुआ पाया गया। यह घटना ना सिर्फ पुलिस महकमे को झकझोरने वाली है, बल्कि कई सवाल भी खड़े करती है।

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मृतक की पहचान
राजेश कुमार सिंह, बिहार के सारण जिले के गंगाजल गांव के निवासी थे। वह बीएमपी-3 गया में बतौर सब-इंस्पेक्टर तैनात थे।
परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
मृतक की बहन संगीता सिंह ने बताया कि
“हमें रात में सूचना मिली कि मेरे भाई की मौत हो गई है। जब हम सुबह बैरक पहुंचे, तो उनका शव पंखे से लटका मिला। कमरे में सामान बिखरा पड़ा था और पांच से छह लोगों के पैरों के निशान भी नजर आ रहे थे।”
उन्होंने आगे कहा:
“मेरे भाई अक्सर हमें बताते थे कि बैरक के कमांडेंट उन्हें बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं और धमकी देते हैं। वह हमेशा कहता था कि उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है। हमें पूरा विश्वास है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है। हम पुलिस प्रशासन से मांग करते हैं कि गंभीरता से जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।”
पुलिस की प्रारंभिक प्रतिक्रिया
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसआई उमेश कुमार ने कहा:
“हमें सूचना मिली कि बीएमपी-3 में एक जवान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। मौके पर पहुंचने के बाद शव को पंखे से लटकता हुआ पाया गया।”
उन्होंने बताया कि शव को कब्जे में लेकर अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल भेजा गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों की पुष्टि की जाएगी।
पुलिस ने यह भी कहा कि
“यह आत्महत्या है या हत्या — फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
निष्कर्ष:
यह मामला पुलिस महकमे के भीतर मानसिक तनाव, विभागीय दबाव, और शोषण जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। यदि परिजनों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह न केवल प्रशासनिक विफलता, बल्कि कानूनी और नैतिक जिम्मेदारियों की अनदेखी का भी प्रतीक होगा। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।










