Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

गिरिडीह के सरिया वन क्षेत्र के नावाडीह निमाटांड में हाथियों का आतंक

On: May 9, 2026 11:52 AM
Follow Us:
सरिया वन क्षेत्र के नावाडीह निमाटांड में हाथियों का आतंक
---Advertisement---
गिरिडीह के  सरिया अंतर्गत नावाडीह निमाटांड गांव में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बीती रात 25 से 30 हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर उत्पात मचाया, जिससे किसानों की फसलें, बागवानी और घरों को भारी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण रातभर जागकर अपनी सुरक्षा करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों के अनुसार हाथियों का झुंड देर रात गांव में घुस आया और खेतों में लगी फसलों को रौंद डाला। हाथियों ने किसान रमा यादव, द्वारिका यादवऔर भुनेश्वर यादव की लगभग 7 से 8 एकड़ जमीन में लगी मकई, भिंडी, झिंगी, लौकी, टमाटर और गन्ने की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। इसके अलावा खेतों में लगे केले के पौधों को भी नुकसान पहुंचाया गया।

add

हाथियों के झुंड ने गांव की बागवानी को भी नहीं छोड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि आम के बगीचों में घुसकर हाथियों ने पेड़ों को पैरों से रौंद डाला और कई फलदार आम के पेड़ों को तोड़ दिया। किसानों का कहना है कि इस सीजन में आम की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन हाथियों के उत्पात से उनकी मेहनत पूरी तरह बर्बाद हो गई।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब हाथियों का झुंड गांव के एक घर तक पहुंच गया। ग्रामीण  अर्जून यादव के घर की खिड़की तोड़कर हाथी अंदर घुस गए। हाथियों ने घर में रखे करीब दो क्विंटल चावल, आटा और सरसों खा लिया तथा घर में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सामानों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। अर्जुन यादव ने बताया कि इस घटना में उन्हें लगभग 70 से 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। पिछले लगभग पंद्रह वर्षों से हाथियों का झुंड लगातार गांव और खेतों में घुसकर नुकसान पहुंचाता रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार वन विभाग को आवेदन देने के बावजूद अब तक किसी भी पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं मिला है।

पीड़ित किसानों ने बताया कि खेती ही उनके परिवार की आय का मुख्य साधन है। हर साल हाथियों के आतंक से फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिससे आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभागीय टीम हाथियों को भगाने तो पहुंचती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता।

ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जल्द मुआवजा देने, हाथियों के आतंक से राहत दिलाने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उन्होंने गांव में तत्काल 10 हैलोजन लाइट और 5 टॉर्च उपलब्ध कराने की भी मांग रखी है, ताकि रात के समय हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

वहीं इस पूरे मामले में वन विभाग का पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन विभागीय अधिकारियों से संपर्क नहीं हो सका। फिलहाल ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है और लोग रातभर जागकर अपने घरों और खेतों की निगरानी कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment