लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Wangchuk) को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराए जाने के मामले पर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर झामुमो की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सोनम वांगचुक (Wangchuk) को के मामले में ने पलटवार किया। उन्होंने राज्य सरकार पर वादाखिलाफी, कानून-व्यवस्था और कर्मचारियों के लंबित वेतन को लेकर निशाना साधा। रांची में मीडिया से बातचीत करते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि झामुमो को दूसरों पर सवाल उठाने से पहले अपने किए गए वादों पर नजर डालनी चाहिए। सोनम वांगचुक (Wangchuk) को और केन्द्र सरकार का मामला है, उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में होमगार्ड, शिक्षक और डॉक्टर महीनों से वेतन का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

संजय सेठ ने कहा कि झामुमो ने चुनाव के दौरान ₹450 में गैस सिलेंडर, बेरोजगारी भत्ता और महिलाओं से जुड़े कई बड़े वादे किए थे, लेकिन इनमें से कोई भी वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाएं करने से नहीं, बल्कि उन्हें पूरा करने से जनता का भरोसा जीता जाता है। साथ ही उनका कहना है राज सरकार अपना काम नहीं कर रही बाकी सब काम कर रही है जिस से उसको कोई लेना देना भी नहीं है।
उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि झारखंड में स्थिति चिंताजनक है और सरकार को पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों से कानून का राज स्थापित करने की सीख लेनी चाहिए। संजय सेठ ने कहा कि राज्य में मजबूत कानून-व्यवस्था होगी, तभी निवेश आएगा और जनता, खासकर बेटियां, सुरक्षित महसूस करेंगी।
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