अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इंफ्रा और तेल ठिकानों पर बमबारी की समय-सीमा दो हफ्तों के लिए बढ़ा दी है। इसे अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध में एक नए डेवलपमेंट के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर ट्रंप के इस मैसेज के बाद ईरान सहित पूरी दुनिया ने राहत की सांस ली है।

ट्रंप ने आगे लिखा कि यह फैसला उन्होंने युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसीम मुनीर से बात करने के बाद लिया है। ट्रंप ने कहा कि दो हफ्तों का यह सीजफायर एकतरफा नहीं बल्कि दोतरफा है यानी इसमें ईरान की भी सहमति है।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ट्रूथ सोशल पर लिखा था कि आज की रात ईरान के लिए कयामत की रात साबित होगी जिसे ट्रंप की अब तक की सबसे बड़ी धमकी माना जा रहा था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कल धमकी देते हुए कहा था कि ईरान की सभ्यता खत्म हो जाएगी जिसे फिर से वापस लाना मुश्किल होगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखे संदेश में कहा था कि वे ऐसा करना नहीं चाहते लेकिन लगता है कि उन्हें ऐसा करना पड़ेगा।
ट्रंप की इस धमकी के बाद एक बार फिर कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया। नायमेक्स पर ब्रेंट क्रूड का भाव एक बार फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। लेकिन दो हफ्तों के सीजफायर के बाद एक बार फिर कच्चे तेल का भाव करीब 15 प्रतिशत लुढ़ककर 93 डॉलर प्रति बैरल पर आ चुका है।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि ईरान ने बात नहीं मानी और होर्मुज स्ट्रेट नहीं खोली तो उसके पावर प्लांट, पुल और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया जाएगा। 47 साल से जारी जबरन वसूली, भ्रष्टाचार और हत्याओं का खेल हमेशा के लिए खत्म कर दिया जाएगा। साथ ही ट्रंप ने कहा था भगवान ईरान के लोगों की मदद करे।
वहीं दूसरी ओर रूस और चीन ने होर्मुज स्ट्रेट पर संयुक्त राष्ट्र में बहरीन के प्रस्ताव को वीटो कर दिया। इसमें होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए मिलकर किए जाने वाले रक्षात्मक प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही गई थी। इसके पक्ष में 11 देशों ने मतदान किया जबकि पाकिस्तान और कोलंबिया मतदान से बाहर रहे।
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