झारखंड के देवघर में विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा बैद्यनाथ धाम में 3 मार्च को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण के दिन पूजा के लिए अलग से टाइमिंग व्यवस्था लागू की जाएगी। मंदिर प्रशासन और तीर्थ पुरोहितों द्वारा जारी सूचना के अनुसार, ग्रहण के प्रभाव को देखते हुए इस दिन श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण का समय सीमित कर दिया गया है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 3 मार्च को श्रद्धालु सुबह से शाम 4 बजे तक ही भगवान शिव का जलार्पण कर सकेंगे। इसके उपरांत शास्त्रीय परंपराओं के अनुसार मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे। चंद्र ग्रहण शाम 5 बजकर 46 मिनट से शुरू होकर 6 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। ग्रहण प्रारंभ होने से पूर्व ही मंदिर परिसर को विधिवत बंद कर दिया जाएगा।
धार्मिक मान्यताओं में ग्रहण काल को अत्यंत संवेदनशील और विशेष आध्यात्मिक समय माना जाता है। इसी सनातन परंपरा का पालन करते हुए ग्रहण अवधि में पूजा-अर्चना और देव प्रतिमाओं के दर्शन पर पूर्णतः रोक रहेगी तथा बाबा को विश्राम दिया जाएगा। ग्रहण समाप्ति के बाद मंदिर परिसर का विधि-विधान से शुद्धिकरण किया जाएगा और शुद्धिकरण पूर्ण होते ही नियमित पूजा-पाठ पुनः आरंभ कर दिया जाएगा।
जलार्पण के समय में कमी को देखते हुए 3 मार्च को सुबह से ही बाबा धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। स्थिति को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन के साथ स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। देवघर आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय का पालन करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
सनातन परंपरा में ग्रहण को एक महत्वपूर्ण खगोलीय एवं आध्यात्मिक घटना माना गया है। उसी आस्था और शास्त्रीय नियमों के अनुरूप यह विशेष व्यवस्था लागू की गई है, ताकि धार्मिक मर्यादा और परंपरा का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जा सके।





