क्या भारत सच में रोज़ 1,676 करोड़ रुपये का सोना खरीदता है?
भारत में सोना सिर्फ गहना नहीं, बल्कि भावनाओं, परंपरा और निवेश का हिस्सा है। शादी हो, त्योहार हो या भविष्य की सुरक्षा—भारतीय परिवार बड़ी मात्रा में सोना खरीदते हैं। लेकिन अब यही सोना देश की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ता दिख रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार भारत हर साल सैकड़ों टन सोना विदेशों से आयात करता है। अनुमान के मुताबिक देश रोजाना औसतन करीब *1,676 करोड़ रुपये* का सोना खरीदता है। यानी हर घंटे करोड़ों रुपये का विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ सोना खरीदने में खर्च हो जाता है।
इसी बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें। सवाल उठ रहा है—आखिर पीएम मोदी ने ऐसी अपील क्यों की?
भारत इतना ज्यादा सोना क्यों खरीदता है?
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर माना जाता है।
वित्त वर्ष 2025-26 में करीब 721 टन सोना आयात हुआ
2024-25 में लगभग 757 टन
2023-24 में करीब 744 टन
भारत में सोने का उत्पादन बेहद कम है, इसलिए मांग पूरी करने के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है। सबसे ज्यादा सोना भारत Switzerland से खरीदता है। इसके बाद United Arab Emirates और South Africa का अपनी स्थान वबा पाता है .
भारतीय परिवारों में सोने को “सबसे सुरक्षित निवेश” माना जाता है। यही वजह है कि महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता के समय लोग बैंक या शेयर बाजार की बजाय गोल्ड खरीदना पसंद करते हैं।
डॉलर पर भी है बड़ा खेल?
आर्थिक जानकारों का मानना है कि पीएम मोदी की अपील का एक अंतरराष्ट्रीय संदेश भी है।
दुनिया में अभी ट्रेड को लेकर बड़ी खींचतान चल रही है। अमेरिका चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में डॉलर का दबदबा बना रहे, जबकि भारत, रूस और कई अन्य देश वैकल्पिक करेंसी में व्यापार बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर भारत सोने का आयात कम करता है, तो डॉलर की मांग भी कुछ हद तक कम होगी। इससे विदेशी मुद्रा पर दबाव घट सकता है।
सरकार आखिर चाहती क्या है?
सरकार का मानना है कि:
कच्चा तेल खरीदना देश की मजबूरी है
लेकिन सोना खरीदना एक “स्वैच्छिक निवेश” है
सरकार चाहती है कि लोग अपना पैसा सिर्फ गोल्ड में लगाने के बजाय
बैंकिंग सिस्टम में निवेश करें
सरकारी योजनाओं में पैसा लगाएं
देश के भीतर बिजनेस और प्रोडक्टिव सेक्टर में निवेश बढ़ाएं
इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आम आदमी पर इसका क्या होगा असर
अगर लोग कम सोना खरीदते हैं तो:
डॉलर की बचत होगी
विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत रहेगा
रुपये पर दबाव कम होगा
महंगाई नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है
सरकार खासतौर पर शादी-ब्याह के सीजन में होने वाली भारी गोल्ड खरीदारी को कम करना चाहती है।
सिर्फ सोना को ही कम खरीदने को नहीं कह रही सरकार – सरकार ये भी चाहती है…
आर्थिक दबाव कम करने के लिए सरकार अप्रत्यक्ष रूप से लोगों को ये संदेश भी दे रही है:
विदेशी यात्राएं कम करें
पेट्रोल-डीजल की खपत घटाएं
गैर-जरूरी आयात कम करें
घरेलू निवेश को बढ़ावा दें
सबसे बड़ा सवाल यह है। क्या सच में लोग सोना खरीदना बंद कर देंगे?
भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा और परंपरा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में पूरी तरह गोल्ड खरीदारी रुकना मुश्किल माना जा रहा है। लेकिन अगर लोग कुछ समय के लिए खरीदारी कम करते हैं, तो इससे देश की अर्थव्यवस्था को राहत जरूर मिल सकती है।





