पश्चिम बंगाल के हल्दिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशाल चुनावी रैली को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। अपने जोशीले भाषण में उन्होंने जनता के सामने “6 गारंटी” पेश कीं और मौजूदा सरकार पर तीखे हमले बोलते हुए बदलाव का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पश्चिम बंगाल को “भय और भ्रष्टाचार” के माहौल से मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगर उनकी सरकार बनती ह, तो कानून व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाएगा और प्रशासन को पूरी तरह जवाबदेह बनाया जाएगा।
पीएम मोदी की 6 बड़ी गारंटी
राज्य से भय का माहौल खत्म किया जाएगा और लोगों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा
प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता लाकर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासनकाल में हुए कथित अन्यायों की फाइलें दोबारा खोली जाएंगी
भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वे मंत्री हों या कोई अन्य प्रभावशाली व्यक्ति, कानून से कोई नहीं बचेगा
शरणार्थियों को उनका अधिकार दिलाया जाएगा, जबकि अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए खदेड़ा जाएगा
सरकारी कर्मचारियों को भयमुक्त वातावरण देने के साथ 7वां वेतन आयोग लागू करने का वादा किया गया
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में लंबे समय से भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति हावी रही है।
पश्चिम बंगाल की मतदाता सूची से करीब 91 लाख नाम हटाए जाने की बात सामने आई है जबकि लगभग 60.06 लाख मतदाता “अंडर एडजुडिकेशन” यानी जांच के दायरे में रखे गए हैं।
राज्य में विधानसभा चुनाव दो चरणों में आयोजित किए जाएंगे। पहले चरण में 23 अप्रैल को 152 सीटों पर मतदान होगा जिसके लिए मतदाता सूची पहले ही फ्रीज की जा चुकी है। वहीं दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को 142 सीटों पर होगा जिसकी मतदाता सूची 9 अप्रैल को फ्रीज की जानी है।
हल्दिया की इस रैली को भाजपा के लिए चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। “6 गारंटी” के जरिए पार्टी ने सीधे तौर पर कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार और पहचान से जुड़े मुद्दों को केंद्र में लाने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि ये वादे मतदाताओं को कितना प्रभावित करते हैं और चुनावी नतीजों पर इसका क्या असर पड़ता है।
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