Deoghar के एक ऐसा बच्चा जिसने कभी स्कूल में कदम नहीं रखा फिर भी पूरे शहर और वास्तव में पूरे राज्य में “कैलकुलेटर बॉय” के रूप में प्रसिद्धि पाई है। एक कहावत आपने सुनी होगी की उम्मीद को सिर्फ अवसर की जरूरत होती इसी कहावत को सिध्द किया है । Deoghar के 10 साल का छोटा अंश राज ने बता दें की 10 साल का अंश राज अपने “कैलकुलेटर बॉय” एक दुनिया भर का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है, जिसने अपनी असाधारण गणितीय प्रतिभा से दुनिया को चकित कर दिया है। इतनी कम उम्र में अंश ने जटिल विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रच दिया है, जिसने अनुभवी गणित विशेषज्ञों को भी हैरान कर दिया है। अपने 13वें और 14वें विश्व रिकॉर्ड के साथ अंश ने एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है।

Deoghar के बच्चा जिसने पहली बार 2^1 से लेकर 2^350 तक के मानों जो 40 से अधिक पृष्ठों में फैले हैं पूरी तरह से व्यवस्थित क्रमबद्ध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का उपयोग करते हुए बाइनरी डिजिटल नोटेशन में विस्तार से दर्ज किया है। शायद सबसे आश्चर्यजनक उपलब्धि उसकी वह क्षमता थी। जिसके तहत उसने रैनडम चुने गए 24 विशाल अंकों को जिनके परिणाम लगभग 100 या उससे अधिक अंकों के होते है। केवल एक मिनट में मानसिक रूप से डिजिटल नोटेशन में बदल दिया। उदाहरण के लिए और जैसे अत्यंत जटिल समीकरणों को बिना कैलकुलेटर या कंप्यूटर की सहायता के हल करना एक औसत इंसान के लिए लगभग असंभव माना जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इतनी बड़ी गणनाएँ आमतौर पर सामान्य कैलकुलेटर की क्षमताओं से भी परे होती है। फिर भी अंश ने अपनी तीक्ष्ण याददाश्त, पैटर्न पहचानने के असाधारण कौशल और अद्भुत मानसिक प्रसंस्करण शक्ति के भरोसे असंभव को संभव कर दिखाया।
अंश की असाधारण उपलब्धियों को “अमेजिंग वर्ल्ड रिकॉर्ड्स,” “फोर्ब्स बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स,” और “इंस्पिरेशन वर्ल्ड रिकॉर्ड्स” द्वारा आधिकारिक तौर पर मान्यता दी गई है और दर्ज किया गया है। इसके अलावा, अपने 11वें और 12वें रिकॉर्ड के साथ, उसने Log 1 से लेकर Log 20 तक के मानों को केवल 42 सेकंड में सुनाकर अंग्रेजी वर्णमाला को उल्टे क्रम में साथ ही गणित के पाई के मान को दशमलव के 11 स्थानों तक केवल 30 सेकंड में सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। देवघर जिला प्रशासन ने भी अंश को उसकी असाधारण प्रतिभा के लिए सम्मानित किया है।
इसके अलावा कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने उसे विभिन्न उपाधियों और सम्मानों से नवाजा है, जैसे “देवघर रत्न,” “गूगल बॉय,” “बेस्ट बॉय,” और “कैलकुलेटर बॉय।” आज, अंश महज़ एक नाम नहीं, बल्कि नई पीढ़ी की प्रतिभा कड़ी मेहनत और जुनून का प्रतीक बन गया है। उसकी यह उपलब्धि यह साबित करती है कि समर्पण, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ, असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है—भले ही उम्र कम हो।
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