राजधानी रांची का एक ऐसा जगह जहां 25 से 30 जिंदगियां डर और दहसत के साय में जी रही है। मानो इन 25 से 30 जिंदगियों को काला पानी की सजा भुगतनी पड़ रही है । अंग्रेजों के शासनकाल में स्वतंत्रता सेनानियों को कालापानी की सजा मिलती थी लेकिन यहां राजधानी रांची में मूलरूप से हजारीबाग के रहने वाले कुछ परिवारों को उनके ही जमीन पर बने घर में रहना मुश्किल हो गया है। कारण है रेंडो कर्मटोला के आदिवासियों के द्वारा इन 25 से 30 जिंदगियां परिवार को बंधक के रूप में इनके घर में ही कैद कर दिया गया। इनके आने जाने के सारे रास्ते बंद कर दिये गये है।

बता दें कि ऐसी हालत में इन परिवारों के पास दूसरा कोई रास्ता नहीं। पास में जुमार नदी होने के कारण यह लोग जुमार नदी के ऊपर टेंपरोरी बास से रास्ता बना रहे थे लेकिन ग्रामीणों ने उन रास्तों को भी अवरोध कर दिया और बांस को काट कर ले गए। उनके सामने एक ही रास्ता बचा है पैदल नदी पार करके अपने गंतव्य तक जाना। तस्वीरों में देखिए कि किस तरह लोग नदी को पार करके जा रहे हैं नदी में पानी का बहन अगर तेज रहा तो उनकी जिंदगी पर भी आफत आ सकती है।
वही बच्चों को भी स्कूल जाने में काफी परेशानी हो रही है। पढ़ने की इच्छा होने के बावजूद यह अपने स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों का डर ऐसा सता रहा है मानो उनकी जिंदगी जान कभी भी जा सकती है घर में रहने वाली महिलाएं भी काफी भयभीत है।
ग्रामिणों में से कुछ परिवार के लोगों ने बताया कि मुस्लिम रैयत परिवार से इन लोगों ने जमीन खरीदा है। इसके बावजूद आदिवासियों का कर यह झेल रहे हैं। इनको ना तो घर से बाहर निकलने का कोई रास्ता समझ में आ रहा है और ना ही परिवार के सदस्य कोई दूसरा उनके घर आ सकता है ऐसे में यह प्रशासन और सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि कोई भी दूसरा वैकल्पिक उपाय दिया जाए।





