केन्द्र सरकार कोशिश करती है कि जितनी भी उसकी योजनाएं है उनको जमिनी स्तर पर उतरना और हर घर तक पहुंचाना। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े fraud का खुलासा हुआ है। सरकारी सिस्टम की नाक के नीचे योग्य लाभुकों को दर-दर भटकाया जा रहा है, जबकि अपात्रों को रेवड़ियों की तरह सरकारी आवास बांटे जा रहे हैं।बता दें कि fraud का पूरा मामला पूर्वी टुंडी प्रखंड का है बता दें कि यहां चुरुरिया पंचायत के रहने वाले एक पैर से दिव्यांग शहाबुद्दीन अंसारी को अब तक आवास योजना का लाभ नहीं मिला। आरोप है कि पंचायत सहायक और सचिव ने रिश्वत न मिलने पर उनका नाम सूची से गायब कर दिया। कई ऐसे गरिबी रेखा के लोग है , इस प्रधानमंत्री आवास योजना में fraud के शिकार हुए कुछ लोगों का कहना है कि उनको अभी तक कोई लाभ नहीं मिल रहा है। लोगों ने अपने ब्लॉक अधिकारियों से शिकायत करने के बाद लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुआ ।

वहीं दूसरी तरफ, रसूखदारों, नौकरी पेशा परिवारों और एक ही घर की दो-दो महिलाओं को फर्जी जियोटैगिंग कर अवैध रूप से लाभुक बना दिया गया और लाखों रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी गई । जब पीड़ित दिव्यांग ने उप विकास आयुक्त (DDC) सन्नी राज को आवेदन देकर गुहार लगाई, तो प्रशासन तुरंत एक्शन में आया। डीडीसी के निर्देश पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) विशाल कुमार पांडेय ने मामले की ऑन-स्पॉट जांच की। जांच में भ्रष्टाचार और गंभीर प्रशासनिक त्रुटियों की पुष्टि हो चुकी है। बीडीओ ने साफ किया है कि अगले 4 दिनों के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण रिपोर्ट डीडीसी को सौंप दी जाएगी।
हालांकि, प्रशासन ने पीड़ित शहाबुद्दीन को बड़ी राहत दी है। तकनीकी खराबी के कारण रुका हुआ उनका पैसा जिला स्तर से सुधार कर जल्द ही खाते में भेजा जाएगा। डीडीसी सन्नी राज की इस त्वरित और निष्पक्ष पहल की ग्रामीण चौतरफा सराहना कर रहे हैं। इस कार्रवाई से ग्रामीणों में व्यवस्था के प्रति सत्यता और न्याय की एक नई झलक देखी जा रही है। बीडीओ की जांच रिपोर्ट के बाद अब यह तय माना जा रहा है कि फर्जीवाड़ा करने वाले पंचायत कर्मियों पर गाज गिरनी तय है। इस खबर पर हमारी नजर लगातार बनी हुई है।
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