जमशेदपुर के भालूबासा इलाके में सड़क चौड़ीकरण की वजह से विस्थापित हुए दुकानदारों को (Shops) दुकानें आवंटित करने का मुद्दा फिर से चर्चा में है। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने अब इस लंबे समय से लंबित मामले में सक्रिय रुचि दिखाई है। हाल ही में छह और दुकानों (Shops) को हटाए जाने के बाद आवंटन प्रक्रिया ने गति पकड़ी है, जिससे विस्थापित दुकानदारों में उम्मीद जगी है।2016 में भालूबासा इलाके में सड़क चौड़ीकरण परियोजना के दौरान बड़ी संख्या में दुकानें हटा दी गई थीं। तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुबर दास की पहल पर विस्थापित दुकानदारों के लिए 53 नई दुकानें (Shops) बनाई गई थीं और उनमें से 24 आवंटित की गई थीं। हालांकि, सरकार बदलने और राज्य में बदलते राजनीतिक हालात के कारण बाकी दुकानों (Shops) का आवंटन रुक गया। सालों तक ध्यान न दिए जाने के कारण दुकानें जर्जर हालत में पहुंच गईं।

हाल ही में छह और दुकानें हटाए जाने के बाद यह मुद्दा फिर से सामने आया। स्थानीय विधायक पूर्णिमा साहू ने जमशेदपुर नोटिफाइड एरिया कमेटी (JNAC) के अधिकारियों के साथ बैठक की और छह विस्थापित दुकानदारों के लिए दुकानों के आवंटन को सुनिश्चित किया। उन्होंने दुकानों की मरम्मत और बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि हालांकि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण दुकानें इतने लंबे समय तक चालू नहीं हो पाई थीं, लेकिन जल्द ही उन्हें सभी जरूरी सुविधाओं के साथ चालू कर दिया जाएगा।
दुकान आवंटन प्रक्रिया शुरू होने से विस्थापित दुकानदारों में खुशी है। उन्होंने बताया कि वे चार दशकों से अधिक समय से इस इलाके में अपना कारोबार चला रहे थे और अपने परिवारों का भरण-पोषण कर रहे थे। हालांकि दुकानें तोड़े जाने पर उनकी आजीविका छिन गई थी, लेकिन विधायक के प्रयासों से अब उन्हें नई दुकानें मिलने का रास्ता साफ हो रहा है, जिससे उनके रोजगार के अवसर फिर से खुलेंगे।
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