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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Sadak Yojana) ठप! पहली बारिश में कटकर बह गई सड़क

On: July 4, 2026 2:31 PM
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Sadak Yojana) ठप! पहली बारिश में कटकर बह गई सड़क
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प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Sadak Yojana) के तहत हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए तिसरी प्रखंड के पिपरा टांड़ गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां लोकल नदी पर बने उच्चस्तरीय आरसीसी पुल की एप्रोच सड़क निर्माण (Sadak Yojana) के महज डेढ़ साल के भीतर ही पहली बारिश में कटकर बह गई। सड़क धंसने से करीब चार फीट गहरा गड्ढा बन गया है, जिससे राहगीरों की जान को खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों का Sadak Yojana को लेकर आरोप है कि पुल की एप्रोच सड़क का निर्माण मुख्य सड़क से लगभग पांच फीट नीचे कर केवल खानापूर्ति की गई। इसको लेकर स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने पहले भी विरोध जताया था।

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निर्माण में लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पुल की सुरप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (Sadak Yojana) ठप! पहली बारिश में कटकर बह गई सड़क क्षा के लिए बनाया जा रहा गार्डवाल भी अधूरा छोड़ दिया गया। पहली ही बारिश में पानी का दबाव नहीं झेल पाने के कारण गार्डवाल भरभराकर खेतों में गिर गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद ठेकेदार ने जेसीबी से मलबा हटाकर मामले को दबाने की कोशिश की और काम बंद कर फरार हो गया। पुल स्थल पर लगे सरकारी बोर्ड के अनुसार, खिजूरी–बस्तीकुरहा पथ के CH-9.900 किमी पर स्थित इस पुल का निर्माण उमेश एंड माणिक कंस्ट्रक्शन प्रा. लि., देवघर द्वारा कराया गया है। कार्य की समाप्ति तिथि 12 दिसंबर 2024 है, जबकि इसकी डिफेक्ट लायबिलिटी (गारंटी) अवधि 12 दिसंबर 2029 तक निर्धारित है। इसके बावजूद पहली ही बारिश में एप्रोच सड़क क्षतिग्रस्त हो गई।

स्थानीय बुजुर्गों ने बताया कि गार्डवाल का निर्माण करीब एक वर्ष पहले शुरू हुआ था, लेकिन आज तक पूरा नहीं किया गया। सड़क धंसने की शिकायत के बाद ठेकेदार ने तीन-चार बार मजदूर और मिस्त्री भेजकर मरम्मत का प्रयास किया, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं होने के कारण वे भी अधूरा काम छोड़कर चले गए। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक विभाग का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके का निरीक्षण करने नहीं पहुंचा है।इस मामले पर जेएमएम तिसरी प्रखंड अध्यक्ष रिंकू बरनवाल ने कहा कि संबंधित ठेकेदार तिसरी प्रखंड में तीन-चार स्थानों पर कार्य कर रहा है, लेकिन सभी जगह घटिया निर्माण किया गया है। उन्होंने कहा कि पिपरा टांड़ पुल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है, जो एक भी बरसात नहीं झेल सका।

उन्होंने जिला प्रशासन और झारखंड सरकार से संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने तथा लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस संबंध जई राहुल कुमार से फोन पर जानकारी लेने का प्रयास किये तो उन्होंने फोन नहीं उठाये।

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