रांची के राज हॉस्पिटल ( Raj hospital) में इलाज के दौरान एक युवक की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मृतक के परिजन पहले ही अस्पताल (Raj hospital) प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा चुके हैं। अब इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अस्पताल (Raj hospital प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

राजद के युवा प्रदेश अध्यक्ष रंजन यादव ने आरोप लगाया कि करीब डेढ़ महीने पहले सड़क दुर्घटना में 1 न राजू कुमार रंजन को इलाज के लिए राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनका दावा है कि युवक की स्थिति गंभीर नहीं थी और मुख्य रूप से उसका पैर फ्रैक्चर हुआ था। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने पहले सिर की चोट का उपचार किया और बाद में पैर का ऑपरेशन किया।
रंजन यादव ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बाद युवक के पैर में संक्रमण हो गया, जो लगातार बढ़ता गया और अंततः उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि परिजनों ने संक्रमण के डर से मरीज को अस्पताल में ही रखा था, लेकिन वहीं संक्रमण फैल
राजद नेता ने यह भी आरोप लगाया कि ऑपरेशन के बानद डॉक्टर नियमित रूप से मरीज को देखने नहीं आते थे और समय रहते बेहतर इलाज के लिए रेफर भी नहीं किया गया। उनके मुताबिक, मृतक के परिवार ने इलाज के लिए करीब 16 लाख रुपये खर्च किए, यहां तक कि जमीन बेचनी पड़ी, लेकिन इसके बावजूद युवक की जान नहीं बच सकी।
रंजन यादव ने दावा किया कि राज हॉस्पिटल के खिलाफ इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। उन्होंने एक गर्भवती महिला के मामले का भी जिक्र किया, जिसमें कथित रूप से गलत मेडिकल रिपोर्ट दिए जाने का आरोप लगाया।
राजद ने सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मृतक के परिजनों को मुआवजा देने, अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और इलाज करने वाले डॉक्टर पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपने की भी बात कही है।
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