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125वीं जयंती के अवसर पर ‘युवाओं से संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन, राष्ट्र निर्माण (nation-building) में योगदान पर चर्चा

On: July 5, 2026 5:41 PM
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125वीं जयंती के अवसर पर 'युवाओं से संवाद' कार्यक्रम का आयोजन, राष्ट्र निर्माण (nation-building) में योगदान पर चर्चा
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रांची के शहीद स्मृति सभागार में राष्ट्र निर्माण के (nation-building) भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर ‘युवाओं से संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।राष्ट्र निर्माण के (nation-building) में इस संगोष्ठी में राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण  (nation-building) में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट प्रथा का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने “एक देश, एक प्रधान, एक विधान और एक निशान” का संदेश दिया और राष्ट्र की एकता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

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प्रदीप वर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक देश में शासन करने के बावजूद कई महान राष्ट्रनायकों के योगदान को जनता तक नहीं पहुंचाया गया। उनका दावा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले वर्षों में ऐसे अनेक महान व्यक्तित्वों को उचित सम्मान मिला और उनकी गाथाएं देश के सामने आईं। उन्होंने सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और लाचित बरफुकन के सम्मान का भी उल्लेख किया।

उन्होंने झारखंड में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय से उनका नाम हटाए जाने के मुद्दे का भी जिक्र किया। वर्मा ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को डॉ. मुखर्जी के योगदान की सही जानकारी होती, तो ऐसी स्थिति कभी उत्पन्न नहीं होती। उन्होंने यह भी कहा कि इस फैसले से राज्य के लाखों बंगाली भाषी लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।

वहीं, भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों और राष्ट्र सेवा के प्रति उनके योगदान से अवगत कराना है, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा ले सके।

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