राज्य में सड़क व्यवस्था बदहाल पड़ी है, सड़क पर बरसात के पानी भरने से यातायात बाधित (Traffic disrupted) हो रहा है, राज्य सरकार विकास के वादे करके सत्ता में तो आ गई, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। इसका ताजा उदाहरण है बोकारो का मोहनडीह। यहां लाखों रुपए खर्च करके चकाचक सड़क तो बन गई, लेकिन पुलिया नहीं बनने से वो सड़क आज बेकार पड़ी है,और यातायात बाधित (Traffic disrupted) नतीजा कई गांवों का संपर्क टूट गया है। मोहनडीह में बनी ये सड़क सतनपुर सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ती है। सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर इसे बनाया। लेकिन सबसे जरूरी कड़ी पुलिया आज तक नहीं बनी। यातायात बाधित (Traffic disrupted) होने से पुल नहीं होने से इस सड़क का कोई फायदा नहीं मिल पा रहा।

स्कूली बच्चों को रोज 5 से 7 किलोमीटर घूमकर स्कूल जाना पड़ रहा है। अगर पुल बन जाता तो स्कूल उनके घर के सामने होता। बरसात में तो हालात और खराब हो जाते हैं। पानी भरने से रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है और बच्चे स्कूल जाना छोड़ देते हैं।
पुल नहीं है तो हम लोगों को 6 किलोमीटर घूमकर स्कूल जाना पड़ता है। बहुत दिक्कत होती है। कई बार बोले, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बरसात में यहां पूरा पानी भर जाता है। रास्ता ब्लॉक हो जाता है। बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। किसी ने ध्यान ही नहीं दिया।हम लोग कई बार आवेदन दिए हैं कि पुल बना दीजिए। लेकिन संपर्क पथ पुल नहीं बनने की वजह से आगे जुड़ ही नहीं पाया। दिनचर्या पूरी प्रभावित हो गई है।
सबसे बड़ा सवाल ये है कि जब जमीन उपलब्ध नहीं थी, तो इस सड़क को बनाने का औचित्य क्या था? ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ लाखों की निकासी के लिए सड़क पर सड़क बना दी गई।
अगर इस जगह पर पुल बनाकर संपर्क पथ जोड़ दिया जाए तो मोहनडीह के साथ कई गांवों का सीधा संपर्क जुड़ जाएगा। अब देखना होगा कि ये पुल बनेगा या फिर विकास के नाम पर ये भी राजनीति का शिकार हो जाएगा।





