जामताड़ा सदर अस्पताल (Jamtara Sadar Hospital) एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और इलाज में कथित लापरवाही के आरोपों को लेकर विवादों में आ गया है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से इलाज के लिए भर्ती दो मरीजों की मौत के बाद उनके परिजनों ने Jamtara Sadar Hospital प्रबंधन पर चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मृतकों की पहचान फतेहपुर थाना क्षेत्र के चापुड़िया निवासी 25 वर्षीय मुन्ना मोहाली तथा मिहिजाम थाना क्षेत्र के चंद्रदीपा निवासी 45 वर्षीय बाबूराम मरांडी के रूप में हुई है। Jamtara Sadar Hospital पर परिजनों का आरोप है कि भर्ती के दौरान डॉक्टर मरीजों को देखने तक नहीं आए और पूरा इलाज नर्सों के भरोसे चलता रहा।

उनका कहना है कि यदि समय पर चिकित्सकीय देखरेख मिलती, तो दोनों मरीजों की जान बचाई जा सकती थी। उनका यह भी आरोप है कि जरूरत के समय ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई और एंबुलेंस जैसी बुनियादी सुविधाएं भी समय पर नहीं मिलीं, जिससे दोनों मरीजों की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। परिजनों ने दोषी चिकित्साकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
हालांकि, ऑन-ड्यूटी चिकित्सक डॉ. एपीएम देव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि उनकी पूरी रात ड्यूटी थी और दोनों मरीजों का नियमित रूप से इलाज किया गया। उनके अनुसार, दोनों मरीज पहले से गंभीर एवं पुरानी बीमारियों से पीड़ित थे, जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है और आवश्यक जांच कराई जाएगी। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि प्रथम दृष्टया यदि जांच में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।





