Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

अवैध बालू खनन (sand mining) और परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा,ट्रकों के जरिए हो रही बालू सप्लाई

On: July 11, 2026 2:20 PM
Follow Us:
अवैध बालू खनन (sand mining) और परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा,ट्रकों के जरिए हो रही बालू सप्लाई
---Advertisement---

10 जून से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा देशभर में नदी से बालू खनन (sand mining) पर लगाए गए प्रतिबंध के बावजूद धनबाद में अवैध बालू (sand mining) खनन और परिवहन का खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रात होते ही बालू माफिया सक्रिय हो जाते हैं और नदियों से अवैध खनन (sand mining) कर भारी ट्रकों के जरिए बालू की सप्लाई की जा रही है। हालांकि जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है।

add

एनजीटी के आदेश के बाद धनबाद का खनन विभाग लगातार अवैध बालू खनन, भंडारण और परिवहन के खिलाफ अभियान चला रहा है। इसके बावजूद रात के अंधेरे में बालू माफिया नदियों से बालू निकालकर सड़कों पर बेखौफ दौड़ते नजर आते हैं। तेलमच्चो ब्रिज, बजरा घाट समेत कई इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।

धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट कहा कि जिले में नदी से बालू उठाव पर पूरी तरह प्रतिबंध है। उन्होंने बताया कि तेलमच्चो ब्रिज और बजरा घाट पर खनन पूरी तरह बंद है। मैथन डैम क्षेत्र से अवैध खनन की सूचना मिलने पर मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में पुलिस बल भेजकर कार्रवाई की गई और खनन रुकवाया गया।

उपायुक्त ने कहा कि बालू की अवैध निकासी पर जिला प्रशासन की लगातार नजर है। पुख्ता सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी और नदी से “एक छटाक” बालू भी उठाने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के अधिकृत स्टॉक यार्डों को केवल वैध स्रोतों से बालू उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से एनजीटी का यह प्रतिबंध बेहद महत्वपूर्ण है, हालांकि निर्माण कार्यों के चलते वैध बालू की उपलब्धता भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

एनजीटी के प्रतिबंध के बाद जिला प्रशासन लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन रात के अंधेरे में बालू माफियाओं की सक्रियता प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन की सख्ती अवैध बालू कारोबार पर कितना प्रभाव डाल पाती है और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से लगाया गया यह प्रतिबंध जमीनी स्तर पर कितना सफल हो पाता है।

इसे भी पढ़े- कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता (animal husbandry and cooperatives) योजनाओं की समीक्षा, रानीश्वर प्रखंड पहुंचे गोपालजी तिवारी

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment