झारखंड सरकार के कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता (animal husbandry and cooperatives) विभाग के विशेष सचिव गोपालजी तिवारी ने संताल परगना के दो दिवसीय दौरे के दौरान गुरुवार को रानीश्वर प्रखंड के आसनबनी स्थित समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना सह कृषक पाठशाला`और `रानीश्वर प्रखंड के जामा स्थित पौधा संरक्षण केंद्र`का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान कृषि, गव्य विकास, सहकारिता (cooperatives), मत्स्य, उद्यान, भूमि संरक्षण विभाग के जिला स्तरीय पदाधिकारी और रानीश्वर के प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। आसनबनी में कृषि, पशुपालन एवं अन्य गतिविधियों का जायजा लेने के बाद विशेष सचिव ने अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि देखने में नहीं लग रहा कि ये कृषि पाठशाला है। चारों तरफ जंगल-झाड़ी उठ चुका है। ये जगह जंगल में तब्दील हो गई है। न साफ-सफाई है और न cooperatives विभाग में किसानों के लिए कोई सुविधा।

मीडिया से बातचीत में विशेष सचिव ने कहा, “विभाग द्वारा किए गए अधिकांश कार्य संतोषजनक से थोड़ा नीचे हैं। संबंधित अधिकारियों और संस्था के प्रतिनिधियों को कार्यों में सुधार लाने तथा किसानों के हित में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। एक महीने का समय दिया गया है। सितंबर में हम फिर आएंगे।” उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा भी इस केंद्र का निरीक्षण कर योजनाओं की समीक्षा कर चुके हैं और प्रगति पर असंतोष जता चुके हैं। DC की चेतावनी के बावजूद एक महीने में स्थिति नहीं सुधरी।
विशेष सचिव ने DC को क्षेत्र में FPO का गठन और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया जल्द पूरी कराने का भी निर्देश दिया। अब सितंबर में होने वाले दोबारा निरीक्षण पर सभी की नजरें टिकी है। रानीश्वर प्रखंड में कृषि योजनाओं की प्रगति पर जताई नाराजगी जता रहे है।
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