रांची नगर निगम की अहम बोर्ड बैठक (crucial board) फिलहाल जारी है। बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण, वेंडर पुनर्वास और फंड की कमी समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो रही है। वहीं, रातू रोड का नाम बदलकर ‘श्यामा प्रसाद मुखर्जी पथ’ करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। crucial board बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ मांझी, रांची विधायक सीपी सिंह, महापौर रोशनी खलखो, डिप्टी मेयर, नगर आयुक्त समेत सभी पदाधिकारी और सभी 53 वार्डों के पार्षद मौजूद हैं। अहम बोर्ड (crucial board) बैठक में शहर के विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, सड़क और नाली निर्माण, पार्कों के विकास, पुस्तकालय निर्माण, अतिक्रमण हटाने, वेंडरों के पुनर्वास और नगर निगम में फंड की कमी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है। नगर विकास विभाग को भेजे गए विभिन्न विकास प्रस्तावों पर भी विचार-विमर्श हो रहा है।

महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि नगर निगम के पास फंड की कमी है, लेकिन सांसद और विधायकों के सहयोग तथा सीएसआर फंड के जरिए छोटे-छोटे विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंडरा क्षेत्र में वेंडरों के लिए सुव्यवस्थित बाजार विकसित करने, हर वार्ड में ओपन जिम लगाने और शहर के विकास से जुड़े कई प्रस्ताव सरकार को भेजे गए हैं। साथ ही राज्य सरकार से जल्द फंड उपलब्ध कराने की भी अपील की है।बैठक में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
उन्होंने रेहड़ी-पटरी और सब्जी विक्रेताओं के लिए स्थायी और व्यवस्थित स्थान विकसित करने, स्टेशन रोड की स्थिति सुधारने, प्रमुख चौराहों पर धूप और बारिश से बचाव के लिए शेड लगाने, हर वार्ड में सीएसआर फंड से ओपन जिम स्थापित करने, राहगिरी डे फिर से शुरू करने और रात्रि बाजार विकसित करने का सुझाव दिया।
इसके साथ ही उन्होंने रांची की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर चिंता जताते हुए पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू करने और प्रत्येक वार्ड में नागरिक सुरक्षा समिति गठित करने की भी मांग उठाई।वहीं, राज्यसभा सांसद महुआ मांझी ने नगर निगम को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि झारखंड को रॉयल्टी की बकाया राशि मिलने से राज्य की योजनाओं और नगर निकायों को मजबूती मिलेगी।
महुआ मांझी ने बारिश के मौसम को देखते हुए जलजमाव वाले इलाकों की समस्या, नालों के चौड़ीकरण, कचरा प्रबंधन, स्वर्णरेखा नदी के किनारे सफाई अभियान और मच्छरों की रोकथाम के लिए प्रभावी फॉगिंग एवं छिड़काव सुनिश्चित करने की भी मांग की।
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