जामताड़ा सदर अस्पताल में गर्भवती रीना देवी और उनके अजन्मे बच्चे की मौत के मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय में एक दिवसीय ‘हल्ला बोल’ कार्यक्रम आयोजित कर राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। डाक बंगला परिसर से निकली भाजपा की रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाहरणालय पहुंची, जहां कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन कर स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। इससे पहले 16 जुलाई को प्रसव के दौरान रीना देवी और उनके अजन्मे बच्चे की मौत के बाद जिले में व्यापक विरोध, अस्पताल परिसर में हंगामा और मामले की जांच की मांग उठी थी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मृतका के परिजनों से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन भी दिया था।

धरना को संबोधित करते हुए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले के सदर अस्पताल की स्थिति इतनी बदहाल है तो पूरे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों से मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजा जा रहा है और घटना का विरोध करने वाले भाजपा कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक दबाव में मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
पूर्व विधायक सीता सोरेन ने जामताड़ा सदर अस्पताल को “मौत का घर” बताते हुए डॉक्टरों की कमी, एंबुलेंस व्यवस्था की बदहाली और कथित चिकित्सीय लापरवाही का मुद्दा उठाया। वहीं पूर्व मंत्री रणधीर सिंह ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।
भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे, मृतका के परिजनों को 50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, भाजपा नेताओं पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने तथा मामले की न्यायिक एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
कार्यक्रम को देखते हुए समाहरणालय परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रही। प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ संथाल परगना के विभिन्न जिलों से पहुंचे हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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