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छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी ने पत्र लिखकर हेमंत सोरेन से की अपील, अमित मालवीय ने उठाए सवाल

On: August 17, 2026 3:44 PM
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रांची छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी की हेमंत सोरेन से अपील, अमित मालवीय ने उठाए सवाल
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रांची में झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्रों का आंदोलन अब सियासी बहस का मुद्दा भी बन गया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की अपील की। वहीं, भाजपा सोशल मीडिया सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी के इस पत्र को लेकर उन पर निशाना साधते हुए इसे राजनीतिक हस्तक्षेप और एक निर्वाचित मुख्यमंत्री को निर्देश देने जैसा बताया।

राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि झारखंड में छात्र राज्य की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि कुछ छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठे हैं। राहुल ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से स्वयं मुलाकात करें उनकी चिंताओं को सुनें और समाधान के लिए उचित कदम उठाएं।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार मानती है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी ने पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों का समर्थन किया है। पत्र में राहुल ने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर उनका प्रभाव बढ़ गया है और इससे छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

राहुल ने हेमंत सोरेन सरकार की ओर से छात्रों से बातचीत शुरू किए जाने का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से बनाई गई समिति के माध्यम से छात्रों से बातचीत हुई है और कई मांगों पर सहमति भी बनी है, लेकिन इसके बावजूद आंदोलन जारी है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत रूप से छात्रों से संवाद करना उनकी चिंताओं को दूर करने की प्रतिबद्धता को और मजबूत कर सकता है।

इस बीच अमित मालवीय ने अपने एक्स हैंडल पर राहुल गांधी के पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पत्र का लहजा आपत्तिजनक, संरक्षणवादी और अहंकारी प्रतीत होता है। मालवीय के मुताबिक, ऐसा लगता है जैसे राहुल गांधी किसी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित मुख्यमंत्री को सुझाव नहीं बल्कि निर्देश दे रहे हैं, जबकि हेमंत सोरेन कांग्रेस के सहयोगी भी हैं।

अमित मालवीय ने यह सवाल भी उठाया कि अगर राहुल गांधी को झारखंड के छात्रों की इतनी चिंता है तो वह स्वयं रांची जाकर प्रदर्शनकारी छात्रों से क्यों नहीं मिले। उन्होंने कहा कि दिल्ली से मुख्यमंत्री को पत्र लिखने के बजाय राहुल गांधी छात्रों से सीधे संवाद कर सकते थे और इसके बाद मुख्यमंत्री से भी बातचीत कर सकते थे। मालवीय ने यह भी सवाल किया कि यदि छात्रों के मुद्दे को लेकर राहुल गांधी की चिंता इतनी गंभीर है तो उन्होंने कर्नाटक के मुख्यमंत्री को इसी तरह का पत्र क्यों नहीं लिखा।

अमित मालवीय ने अपनी आलोचना के बीच झारखंड सरकार की जवाबदेही का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों और लंबे समय से जारी आंदोलन को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उनके मुताबिक छात्रों के साथ कथित बल प्रयोग और सरकार की कार्रवाई भी गंभीर सवाल खड़े करती है और हेमंत सोरेन सरकार को जवाबदेही तथा पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। हाल के दिनों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव की खबरें भी सामने आई हैं। छात्रों की ओर से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की जांच और निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था जैसी मांगें उठाई जा रही हैं।

16 अगस्त को रांची में छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली और हेमंत सोरेन तथा राहुल गांधी के पुतले भी जलाए। आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव का ऐलान किया है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना है।

कुल मिलाकर, राहुल गांधी की चिट्ठी ने झारखंड के छात्र आंदोलन को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। एक तरफ राहुल गांधी छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से सीधे संवाद की अपील कर रहे हैं, वहीं भाजपा इसे कांग्रेस और झारखंड सरकार के बीच राजनीतिक हस्तक्षेप के तौर पर देख रही है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि हेमंत सोरेन सरकार छात्रों के साथ बातचीत और उनकी मांगों के समाधान को लेकर आगे क्या कदम उठाती है।

भाजपा प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने राहुल गांधी का मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखे पत्र पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झारखंड की छात्र 24वें दिन भी अपना आंदोलन जारी रखे हुए हैं। राहुल गांधी उनके समर्थन में झारखंड तो नहीं आए, लेकिन आज उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र जरूर लिखा है। पत्र में राहुल गांधी ने देश के शिक्षा व्यवस्था की बिगड़ी हुई हालत का जिम्मा भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस को बताया है। जबकि आजादी के बाद से देश की शिक्षा व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी कांग्रेस पार्टी की रही है। कांग्रेस पार्टी ने न सिर्फ भारत के आत्मविश्वास को तोड़ने का प्रयास किया बल्कि देश का इतिहास भी बदलने का प्रयास किया है। प्रदेश महामंत्री ने कहा कि देश आज आगे बढ़ रहा है, जो कांग्रेस को पसंद नहीं आ रही। उन्होंने कहा कि 24 दिन के आंदोलन में छात्र आज भी सरकार पर उम्मीद कर रहे हैं लेकिन सरकार छात्रों के प्रति कितनी संजीदगी दिखती है, इसका इंतजार छात्र और पूरा राज्य कर रहा है।

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