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जसीडीह में 40 लाख की लूट का खुलासा, फर्जी GST अधिकारी बनकर वारदात करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार

On: August 19, 2026 3:20 PM
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जसीडीह में 40.50 लाख की लूट का खुलासा, फर्जी GST अधिकारी बनकर वारदात करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार
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देवघर के जसीडीह थाना क्षेत्र में 40 लाख 50 हजार रुपये की लूट के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से लूट की रकम, मोबाइल फोन, क्षतिग्रस्त लैपटॉप, घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो वाहन समेत कई सामान बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार यह वारदात 8 अगस्त 2026 को टाभाघाट-दर्दमारा मुख्य सड़क पर हुई थी। अज्ञात स्कॉर्पियो सवार अपराधियों ने मोटरसाइकिल सवार और उसके साथ मौजूद कर्मचारी को जबरन रोका। आरोपियों ने खुद को फर्जी GST पदाधिकारी बताया और जांच के नाम पर रुपयों से भरा बैग अपने कब्जे में लेकर फरार हो गए। बैग में करीब 40 लाख 50 हजार रुपये नकद के अलावा मोबाइल फोन और लैपटॉप भी मौजूद था।

घटना की सूचना मिलने के बाद देवघर के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी और अन्य माध्यमों से जांच आगे बढ़ाते हुए कार्रवाई की और मामले में कुमोद पोद्दार, संजय कुमार सिंह, शिव शंकर कुमार, घनश्याम यादव और विनोद प्रसाद यादव को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो वाहन, 4 लाख 30 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, क्षतिग्रस्त लैपटॉप, दो प्लास्टिक के पुलिस डंडे और पुलिस लिखा बोर्ड समेत अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए पुलिस और GST अधिकारियों की कार्यप्रणाली की नकल करते हुए फर्जी पहचान और सामान का इस्तेमाल किया था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ के खिलाफ पहले से अलग-अलग थानों में आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले को लेकर जसीडीह थाना कांड संख्या 269/2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और लूट की बाकी रकम के संबंध में भी जांच कर रही है।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस का कहना है कि फर्जी अधिकारी बनकर लोगों को रोकने और लूटपाट करने वाले अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह की अन्य वारदातों और नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

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