झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता अर्जुन मुंडा (Arjun Munda) ने छात्र आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। बोकारो के दो दिवसीय दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत में Arjun Munda ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए। Arjun Munda कहा कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह राज्य के भविष्य को पीछे धकेलने वाला कदम है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि छात्रों के अंदर काफी क्षमता है, जिसे बेहतर अवसर और सही दिशा देकर निखारा जा सकता है। लेकिन लाठियों के बल पर उनकी क्षमता को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने छात्रों के भविष्य की तुलना हीरे से करते हुए कहा कि हीरा भी जमीन से निकलने के बाद एक पत्थर की तरह ही होता है, लेकिन उसे काटकर और तराशकर उसकी असली कीमत सामने आती है। उसी तरह छात्रों को भी अवसर देकर उनकी प्रतिभा को निखारने की जरूरत है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के छात्र और आम लोग परीक्षा से जुड़ी कथित गड़बड़ियों की जांच CBI से कराने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से छात्रों और जनता की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।
मुंडा ने कहा कि किसी भी केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा किसी संवैधानिक संस्था के खिलाफ अपने स्तर से कार्रवाई शुरू करना संभव नहीं है। इसके लिए तय संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार को जांच की औपचारिक सिफारिश करनी होगी। उन्होंने सरकार से इसी प्रक्रिया के तहत CBI जांच की सिफारिश करने की मांग की।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत और निष्पक्ष जांच के जरिए किया जाना चाहिए। सरकार को छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
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