लातेहार झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आंदोलनकारीयों के परिवार (families) के अधिकार को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उपायुक्त संदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। मंच के संस्थापक सह प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि स्थानीय आंदोलनकारियों के परिवारों (families) और उनके बाल-बच्चों के अधिकारों को लेकर सरकार और प्रशासन को गंभीरता से पहल करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों में संबंधित लोगों को सम्मान के साथ प्रशस्ति पत्र और प्रमाण पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन लातेहार जिले में जिस प्रकार का सम्मान मिलना चाहिए, वह अब तक आंदोलनकारीयों के परिवार (families) के अधिकार नहीं मिला है। इसी मांग को लेकर मंच की ओर से जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया गया है।
पुष्कर महतो ने कहा कि मंच की प्रमुख मांगों में जिले के झारखंड आंदोलनकारी परिवार के लिए जिला स्तर पर रोजगार और नियोजन का अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए, ताकि जिले के युवा अपने ही क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकें।
उन्होंने दावा किया कि स्थानीय युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक प्रावधानों और राज्य की स्थानीय नीतियों का प्रभावी तरीके से पालन होना जरूरी है। मोर्चा ने जिला प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक पहल करने की मांग की है।
मोर्चा के प्रतिनिधियों ने जिले में रोजगार के अवसरों में स्थानीय युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग करते हुए बाहरी लोगों के नियोजन का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि स्थानीय संसाधनों और रोजगार के अवसरों पर पहला अधिकार क्षेत्र के योग्य स्थानीय युवाओं को मिलना चाहिए।
पुष्कर महतो ने कहा कि मोर्चा संविधान के प्रावधानों और स्थानीय अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर जिला प्रशासन के समक्ष अपनी बात रख रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई करने की अपील की।
मोर्चा की ओर से कहा गया कि स्थानीय युवाओं के रोजगार, आंदोलनकारियों के सम्मान और उनके परिवारों के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे भी आवाज उठाई जाएगी।इस अवसर पर मुख्य रूप से सिमरण कुजूर चिंता देवी रंजीत टोप्पो रोजलीन तिर्की वीरेंद्र कुजूर सामंत सिंह संगीता देवी बलराम उराव वीरेंद्र टोप्पो विनोद कुजूर बर्नार्ड कुजूर ललन टूरी रुदल यादव सिटीजन टोप्पो सबीना बारला मनोज लकड़ा लक्ष्मण उरांव गोरबिगण सिंह सरवन सिंह मंगलदेव राव सहित दर्जनों लोग शामिल थे।





