छात्रों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री (Former CM)बाबू लाल मरांडी ने दिखाई संवेदना कहा- झारखंड के छात्र अपने मांगो को लेकर दर -दर भटक रहें छात्र लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। साथ हि उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री हेंमत सरकार को कुर्सी बचाना मुश्किल हो गया । फिलहाल में आरोप- प्रत्यारोप के दौर जारी है।साथ हि पूर्व मुख्यमंत्री (Former CM)बाबू लाल मरांडी ने अपने शब्दो को समाप्त करते हुए कहा कि सरकार को हर बात पर मौन रहने की आदत हो गई है। उनको चाहिए कि छात्रों कि हित की बात मिडिया के सामने आके रखें । रांची सदर काउंसिल ऑफिस द्वारा की गई एकतरफा कार्रवाई और मुकदमे के विरोध में, भाजपा नेताओं और उनके कार्यकर्ताओं ने रांची सदर काउंसिल ऑफिस से मुलाकात की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष पूर्व मुख्यमंत्री (Former CM)बाबू लाल मरांडी और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने छात्रों के पक्ष में अपनी बात रखी और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग करना छात्रों का लोकतांत्रिक अधिकार है। ऐसे में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई करना उचित नहीं है। पार्टी ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे को लेकर भी प्रशासन से निष्पक्षता बरतने की मांग की।
मुलाकात के दौरान नेताओं ने कहा कि जॉइंट पब्लिक सर्विस कमिशन और जॉइंट सर्विस कमिशन-सीजीएल जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में युवा अपने भविष्य और करियर को लेकर वर्षों तक मेहनत करते हैं। यदि परीक्षा प्रक्रिया को लेकर छात्रों के मन में किसी तरह का संदेह पैदा होता है, तो उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनना और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
भाजपा ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय छात्रों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि छात्रों के न्याय, अधिकार और सम्मान की लड़ाई में भाजपा छात्रों के साथ खड़ी है।
मौके पर भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और युवा मोर्चा के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि छात्रों के खिलाफ की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाए और पूरे मामले में निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भाजपा नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर पार्टी आगे भी छात्रों के साथ खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
सहबाज़ आलम ने भी FIR दर्ज कराई है। ये पूरा मामला और इससे जुड़ी बातें सोशल मीडिया पर उपलब्ध हैं। कई लोगों से पूछा गया कि आखिर ऐसा क्यों किया जा रहा है। स्पष्ट मानना है कि FIR उन लोगों पर होनी चाहिए, जिन्होंने वास्तव में गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने का काम किया है।
ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिन लोगों को वास्तव में दोषी पाया जाता है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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