झारखंड राज्य पेंशनर समाज, जिला शाखा लोहरदगा के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को पेंशनरों की विभिन्न मांगों को लेकर जुलूस निकाला और लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत के आवास पहुंचकर उन्हें मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। पेंशनरों ने केंद्र सरकार से उनके हित में आवश्यक कदम उठाने और लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने मैना बगीचा नदिया उच्च विद्यालय के प्रांगण से जुलूस निकाला। इसके बाद सभी सांसद आवास पहुंचे और पेंशनरों की समस्याओं एवं मांगों से संबंधित ज्ञापन सांसद को सौंपा।
वैलिडेशन एक्ट को समाप्त करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री, भारत सरकार, नई दिल्ली से माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायादेश के आलोक में पूर्व की भांति समानता बनाए रखने की मांग की गई। साथ ही 25 मार्च 2025 को कैबिनेट एवं लोकसभा से बिना बहस के पारित किए गए वैलिडेशन एक्ट को समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।
पेंशनर समाज का कहना है कि इस कानून के प्रावधानों से पुराने और नए पेंशनरों के बीच विभाजन की स्थिति उत्पन्न हुई है, जिसे लेकर पेंशनरों में गंभीर चिंता है।
विधवा और परित्यक्ता पुत्रियों को पेंशन का अधिकार देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग रखी। इसके अलावा विधवा बहू को पेंशन में प्राथमिकता देने तथा परित्यक्ता एवं विधवा पुत्री को पेंशन का अधिकार देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
पेंशनरों ने बढ़ती महंगाई को देखते हुए वेतन के आधे के रूप में मिलने वाली पेंशन के अनुरूप महंगाई राहत सूचकांक निर्धारित करने की मांग की।
65, 70 और 75 वर्ष की उम्र पर अतिरिक्त पेंशन की मांग
पेंशनरों ने कार्मिक, लोक शिकायत, विधि एवं न्याय संबंधी विभागीय संसदीय समिति की 10 दिसंबर 2021 की 11वीं रिपोर्ट के अनुसार सेवानिवृत्ति की आयु के बाद 65 वर्ष की उम्र पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत और 75 वर्ष की उम्र पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन लागू करने की मांग की। वहीं 40 प्रतिशत कम्यूटेड पेंशन की कटौती निर्धारित अवधि से पहले पूरी हो जाने का हवाला देते हुए इसकी कटौती अधिकतम 11 वर्ष तक किए जाने की मांग भी रखी गई।
18 माह के लंबित डीए का ब्याज सहित भुगतान
पेंशनरों ने आयकर की कटौती से मुक्त करने, कोरोना काल के दौरान लंबित 18 माह के महंगाई भत्ते (डीए) का ब्याज सहित भुगतान करने तथा रेल यात्रा में पूर्व की तरह पेंशनरों को छूट बहाल करने की मांग की।
इसके साथ ही आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को समाप्त करने और पेंशनरों के लिए बाह्य रोगी (OPD) एवं आंतरिक रोगी (IPD) इलाज की कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी सांसद के समक्ष रखी गई।
“पेंशन उनका हक है, भीख नहीं”
ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सांसद सुखदेव भगत ने पेंशनर समाज के प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि वे उनकी मांगों को गंभीरता से उठाएंगे। उन्होंने कहा कि पेंशनर समाज के बुजुर्गों ने अपना पूरा जीवन देश और राज्य की सेवा में समर्पित किया है।
सांसद ने कहा, “उनकी पेंशन उनका हक है, भीख नहीं।”
उन्होंने वित्त अधिनियम 2025 के वैलिडेशन क्लॉज को लेकर पेंशनरों द्वारा जताई गई चिंता को गंभीर विषय बताया। सांसद ने आश्वासन दिया कि वह इस मामले को पूरी गंभीरता के साथ लोकसभा में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री, वित्त मंत्री और विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी पत्र भेजा जाएगा, ताकि पेंशनरों और उनके परिवारों को न्याय मिल सके।
बड़ी संख्या में शामिल हुए पेंशनर
ज्ञापन समर्पण कार्यक्रम में जिला सचिव सह महासचिव महेश कुमार सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष-सह-चेयरमैन चंद्रकांत सिंह, मोहन मिंज, जफर आलम, किसुन दास, घुरती उरांव, जयगोविंद साहू, बीरसो उरांव, वरदानी वेक कच्छप, देवमुनि कुजूर, आशामनि लकड़ा, मंजू तिग्गा, जानकी देवी, तारामनी देवी, ज्योति नाग, मेझरन कुजूर, जतरी उरांव सहित बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
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