रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत भदानी नगर ओपी क्षेत्र के सुदी पारगढा गांव में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है। मृतकों में एक महिला और उसके दो बेटे शामिल हैं। परिजनों के अनुसार, तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ी थी और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिवार की ओर से मौत की वजह मलेरिया और टाइफाइड बताए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय हुआ है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पतरातू प्रखंड विकास पदाधिकारी और मेडिकल टीम गांव पहुंची। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लिए हैं और पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि तीनों मौतों की वास्तविक वजह मलेरिया, टाइफाइड या कोई अन्य बीमारी थी। मेडिकल जांच और सैंपल रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के अनुसार, एक ही परिवार के मां और दो बेटों की तबीयत एक ही दिन अचानक खराब हुई थी। इसके बाद परिजनों ने तीनों को भुरकुंडा के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। परिवार के मुताबिक, वहां चिकित्सकों ने मलेरिया और टाइफाइड की आशंका जताते हुए उनकी स्थिति को गंभीर बताया और बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद दोनों बच्चों की रास्ते में ही मौत हो गई। वहीं उनकी मां को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। तीनों की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में शोक का माहौल है।
मेडिकल टीम ने गांव में शुरू की जांच
तीन लोगों की मौत के बाद बीमारी को लेकर ग्रामीणों में भी चिंता बढ़ गई। मामले की सूचना मिलने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। मेडिकल टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही ब्लड सैंपल भी एकत्र किए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि गांव में मलेरिया, टाइफाइड या किसी अन्य संक्रमण का प्रकोप तो नहीं है। सैंपल की जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
झाड़-फूंक की चर्चा को परिवार ने बताया अफवाह
मामले को लेकर गांव में अलग-अलग तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही थीं। हालांकि मृतकों के परिवार वालों ने झाड़-फूंक से जुड़ी बातों को पूरी तरह अफवाह बताया है। परिजनों का कहना है कि तीनों की तबीयत खराब होने के बाद उनका इलाज अस्पताल में कराया गया था और चिकित्सकों द्वारा बीमारी के संबंध में जानकारी दी गई थी।
परिवार की ओर से मलेरिया और टाइफाइड को मौत की वजह बताया जा रहा है, लेकिन अभी मेडिकल जांच पूरी नहीं हुई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट आने से पहले मौत की निश्चित वजह को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी मौत की असली वजह
एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने ग्रामीण क्षेत्र में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम मामले की जांच में जुटी है। ग्रामीणों के ब्लड सैंपल लिए जाने के बाद अब जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मृतकों की मौत वास्तव में मलेरिया या टाइफाइड के कारण हुई थी या इसके पीछे कोई दूसरी चिकित्सकीय वजह थी। फिलहाल प्रशासन की निगरानी में मेडिकल टीम गांव की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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