Home झारखंड बिहार राजनीति मनोरंजन क्राइम हेल्थ राशिफल
---Advertisement---

JPSC Exam Scam: एल. ख्यांग्ते पर गंभीर आरोप, CID ने दाखिल की चार्जशीट

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांग्ते के खिलाफ अदालत में दाखिल चार्जशीट में गंभीर आरोप लगाए हैं।

JPSC Exam Scam: एल. ख्यांग्ते पर गंभीर आरोप, CID ने दाखिल की चार्जशीट
---Advertisement---

JPSC Exam Scam: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांग्ते के खिलाफ अदालत में दाखिल चार्जशीट में गंभीर आरोप लगाए हैं।

CID के अनुसार, ख्यांग्ते पर एक ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को संवेदनशील परीक्षाओं का काम सौंपने, अधिकारियों के अधिकार सीमित करने और परीक्षा में कथित धांधली के नेटवर्क को संरक्षण देने के आरोप हैं। जांच में पेपर लीक, आंसर-की पहले साझा करने, OMR शीट से छेड़छाड़ और अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने से जुड़े मामले भी सामने आए हैं।

JPSC Exam Scam : ब्लैकलिस्टेड एजेंसी TDPL को ठेका देने का आरोप

CID की चार्जशीट के अनुसार, लखनऊ की टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने गंभीर लापरवाही और तथ्य छिपाने के आरोप में 20 मई 2025 को तीन साल के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया था। इसके बावजूद आरोप है कि JPSC के तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांग्ते ने बिना वैध टेंडर प्रक्रिया के नामांकन के आधार पर इस एजेंसी को संवेदनशील परीक्षाओं का काम दिलवाया।

जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक असीम किस्पोट्टा ने एजेंसी की कार्यप्रणाली और कथित गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद उनके परीक्षा संबंधी अधिकार छीन लिए गए और परीक्षा का काम तत्कालीन डिप्टी परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को सौंप दिया गया। CID के अनुसार, दूसरे विभाग में तबादला होने के बाद भी श्वेता कुमारी गुप्ता को आयोग में बनाए रखा गया।

सरकारी लैपटॉप से डिजिटल साक्ष्य मिटाने का आरोप

CID के मुताबिक, 22 जुलाई 2026 को आयोग कार्यालय में पहली छापेमारी के बाद तत्कालीन चेयरमैन एल. ख्यांग्ते ने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह कार्यालय का लैपटॉप और पेनड्राइव अपने साथ ले गए। आरोप है कि उपकरणों को रिपेयरिंग के लिए भेजकर उनमें मौजूद डिजिटल साक्ष्यों को मिटाने और स्टोरेज से छेड़छाड़ करने का प्रयास किया गया। फॉरेंसिक जांच में स्टोरेज के साथ छेड़छाड़ के साक्ष्य मिलने की बात चार्जशीट में कही गई है।

CID के अनुसार, मेमो ऑफ एविडेंस और सह-आरोपियों के बयानों में ख्यांग्ते तथा अन्य अधिकारियों के बीच TDPL एजेंसी से कथित वित्तीय लेनदेन के संकेत मिले हैं। जांच में आरोप लगाया गया है कि अभ्यर्थियों से प्रारंभिक परीक्षा (PT) में चयन के लिए पांच लाख रुपये और अंतिम चयन के लिए 10 लाख से 25 लाख रुपये तक वसूले जा रहे थे।

CDR से संदिग्धों के संपर्क और आंसर-की साझा करने का खुलासा

चार्जशीट के अनुसार, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच में तत्कालीन चेयरमैन और परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े सिंडिकेट तथा एजेंसी के सदस्यों के बीच संपर्क सामने आया है। CID का आरोप है कि सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 की आधिकारिक आंसर-की जारी होने से पहले ही डिप्टी परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता ने अपने मोबाइल से TDPL कर्मचारी मोहम्मद उस्मान को व्हाट्सऐप के जरिए आंसर-की भेज दी थी।

जांच में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर (FRO) मुख्य परीक्षा की आंसर बुकलेट आयोग कार्यालय से बाहर निजी कंप्यूटरों पर मिलने की बात भी सामने आई है। CID के मुताबिक, कथित सिंडिकेट ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के 350 से अधिक और असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट के 150 से अधिक OMR शीट से छेड़छाड़ की।

JPSC परीक्षा धांधली मामले में आगे क्या?

CID की चार्जशीट में दर्ज आरोपों के आधार पर मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जांच एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और परीक्षा संबंधी दस्तावेजों का उल्लेख किया है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के परीक्षण और न्यायिक निर्णय के बाद ही होगी। संबंधित आरोपियों का पक्ष और इस मामले में अदालत की आगे की कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध होने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।

यह भी पढ़ें: Delhi Police Raid: रांची में दिल्ली पुलिस की छापेमारी, दो थार और चार बाइक बरामद

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

1 thought on “JPSC Exam Scam: एल. ख्यांग्ते पर गंभीर आरोप, CID ने दाखिल की चार्जशीट”

Leave a Comment