Jharkhand News:झारखंड में करीब 1300 अधिकारियों की प्रोन्नति पर संकट खड़ा हो गया है। इनमें लगभग 300 पुलिस अधिकारी और 1000 राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी शामिल हैं। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग का मानव संपदा पोर्टल बंद होने के कारण ये अधिकारी अपनी चल-अचल संपत्ति का वार्षिक ब्योरा ऑनलाइन दर्ज नहीं कर सके।
अब प्रोन्नति बोर्ड की अहम बैठक से पहले यह मामला सरकार के लिए चुनौती बन गया है। नियमों के मुताबिक, अचल संपत्ति का वार्षिक ब्योरा जमा नहीं करने वाले अधिकारियों के नाम पर प्रोन्नति के लिए विचार नहीं किया जा सकता।
Jharkhand News: मानव संपदा पोर्टल बंद होने से बढ़ी परेशानी, 1300 अधिकारी प्रभावित
मानव संपदा पोर्टल हर साल जनवरी और फरवरी में खोला जाता है। इस दौरान राज्य के सभी संवर्गों के अधिकारियों को अपनी चल-अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होता है। निर्धारित अवधि में ब्योरा दर्ज नहीं कर पाने के कारण करीब 1300 अधिकारियों की प्रोन्नति प्रभावित होने की आशंका है।
सूत्रों के अनुसार, संपत्ति का ब्योरा जमा नहीं कर पाने वाले पुलिस अधिकारियों में कई ऐसे हैं, जो संबंधित अवधि में संवेदनशील इलाकों में विशेष नक्सल विरोधी और सुरक्षा अभियानों में तैनात थे। इन क्षेत्रों में इंटरनेट और नेटवर्क की उपलब्धता नहीं होने के कारण वे पोर्टल पर अपना विवरण दर्ज नहीं कर सके।
प्रोन्नति बोर्ड की बैठक जल्द होने वाली है। ऐसे में अधिकारियों के सामने समय पर संपत्ति का ब्योरा जमा करने की चुनौती है। यदि इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों की प्रोन्नति पर विचार नहीं किए जाने की आशंका है।
गृह सचिव की अनुशंसा के बाद भी पोर्टल खोलने से इनकार
मामले की गंभीरता को देखते हुए गृह सचिव ने मानव संपदा पोर्टल दोबारा खोलने की अनुशंसा की थी। हालांकि, कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया।
मामले की जानकारी मिलने पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने भी कार्मिक सचिव को सुझाव दिया कि विशेष परिस्थितियों को देखते हुए पोर्टल कुछ दिनों के लिए खोलने में सरकार या प्रशासनिक व्यवस्था को कोई नुकसान नहीं होगा। वित्त मंत्री ने इस संबंध में विभाग से रिपोर्ट भी मांगी थी।
हालांकि, कार्मिक सचिव ने रिपोर्ट देने के बजाय पोर्टल दोबारा खोलने को पूरी तरह असंभव बताया। इसके बाद मामला उच्चस्तर पर पहुंच गया और अधिकारियों की प्रोन्नति का रास्ता निकालने के लिए हस्तक्षेप की मांग की गई।
वित्त मंत्री के पत्र के बाद मुख्य सचिव ने गठित की उच्चस्तरीय समिति
कार्मिक विभाग के रुख के बाद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र लिखकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए तत्काल हस्तक्षेप करने और समस्या का समाधान निकालने का आग्रह किया।

मुख्य सचिव ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित कर दी। विकास आयुक्त अजय कुमार की अध्यक्षता में गठित इस समिति में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव चंद्रशेखर और कार्मिक सचिव प्रवीण टोप्पो को शामिल किया गया है। मुख्य सचिव ने समिति को तत्काल बैठक कर पूरे मामले की समीक्षा करने, समाधान तलाशने और अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
एक सप्ताह के लिए पोर्टल खुलने की उम्मीद
मानव संपदा पोर्टल पर संपत्ति का ब्योरा दर्ज नहीं कर पाने वाले अधिकारी प्रोन्नति बोर्ड की बैठक को लेकर चिंतित हैं। बैठक नजदीक होने के कारण वे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मंत्रालयों के स्तर पर समस्या के समाधान के लिए प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि, उच्चस्तरीय समिति के गठन के बाद प्रभावित अधिकारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, समिति मानव संपदा पोर्टल को करीब एक सप्ताह के लिए दोबारा खोलने की सिफारिश कर सकती है।
यदि ऐसा होता है, तो प्रभावित अधिकारी अपनी चल-अचल संपत्ति का वार्षिक विवरण दर्ज कर सकेंगे और उनकी प्रोन्नति पर विचार किए जाने का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल, अंतिम निर्णय उच्चस्तरीय समिति की समीक्षा और सरकार के अगले कदम पर निर्भर करेगा।
मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने समस्या के समाधान के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की है। सचिवालय के सूत्रों के अनुसार, पोर्टल एक सप्ताह के लिए दोबारा खोलने की सिफारिश की जा सकती है। अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
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