Bhagalpur (Sultanganj): सावन माह में बाबा नगरी देवघर जाने वाले कांवरियों की आस्था अपने चरम पर है। सुल्तानगंज के कच्ची कांवरिया पथ पर श्रद्धालु तरह-तरह की मनोकामनाएं लेकर बाबा भोलेनाथ के दरबार की ओर निकल पड़े हैं। लेकिन इस बार दो भक्तों की यात्रा ने सबका ध्यान खींचा है।

झारखंड के डाल्टनगंज के विनोद अग्रवाल और बिहार के खगड़िया के सुधांशु बम आंखों पर पट्टी बांधकर बिना देखे ही 105 किलोमीटर लंबी कठिन डाक यात्रा पर निकले हैं। ये दोनों भक्त गंगा से जल भरकर, आंखों को पूरी तरह बंद कर, केवल बाबा भोलेनाथ के नाम पर भरोसा करते हुए सुल्तानगंज से देवघर तक की पदयात्रा पर हैं।
विनोद अग्रवाल ने बताया कि “देश में हाल ही में कई दुखद घटनाएं घटीं—जैसे बलटाल हादसा, अहमदाबाद में प्लेन क्रैश, केदारनाथ में हेलीकॉप्टर दुर्घटना। इन घटनाओं से मन आहत हो गया। देश, समाज और परिवार की सुरक्षा की कामना से हमने आंखों में पट्टी बांधकर यात्रा शुरू की है। यही हमारी मन्नत है।”
जहाँ एक ओर श्रद्धा और आस्था की ये मिसाल दिख रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही का चेहरा भी सामने आ रहा है।
सावन के दूसरे दिन आपदा मित्र अभय राज संदेहास्पद परिस्थिति में गंगा में डूब गए। बताया गया कि वे अपने तीन अन्य साथियों के साथ नाव पर सोए हुए थे। अभय बीच में सोए थे, और सुबह वह गायब मिले। साथी यह स्पष्ट नहीं कर पा रहे कि वे गंगा में कैसे गिर गए।
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स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन की उदासीनता को लेकर पीड़ित परिवार बेहद आक्रोशित है। न तो अब तक शव की खोजबीन में कोई ठोस कार्रवाई हुई है, और न ही घटना की गंभीरता से जांच शुरू की गई है। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद भी प्रशासन की निष्क्रियता सामने आ रही है।





