सोमवार को चतरा में एक बड़ी घटना घटी ।चतरा के पत्थर व्यवसाई और भाजपा नेता श्रीनिवास (Srinivas) बैठक में शामिल होने को लेकर रांची से चतरा आ रहे थे।इसी दौरान रांची की कांके पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस बीच श्री निवास (Srinivas) खुद सोशल मीडिया पर लाइव आकर बताया कि मुझे कांके पुलिस गिरफ्तार कर ली है ।पर गिरफ्तारी किस मामले को लेकर हुई है यह नही बताया।शोशल मीडिया का दौर है खबर तुरंत फैल गई। श्री निवास (Srinivas) बीते 10, 15 दिनों से चतरा डीएमओ के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था ।उन्होंने बड़ी प्रमुखता से डीएमओ के मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात पूर्व नें रखी थी।और लगातार डीएमओ के खिलाफ बोल भी रहे थे। बीते दिनों सिमरिया में अनियत्तित हाइवा से फौजी की मौत मामले पर भी वे काफी अग्रेसिव होकर प्रशासन कर खिलाफ बोले थे। जो वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था।

उस धरना प्रदर्शन में चतरा सांसद कालीचरण सिंह और सिमरिया विधायक उज्जवल व जेएमएम नेता मनोज चंद्रा भी शामिल थे।इस हाई प्रोफ़ाइल गिरफ्तारी में कार्यवाई इतना जल्दी क्यो हुई यह भी चतरा में चर्चा बना रहा।चतरा आने पर जब मामले से पर्दा डालने हटा तो पता चला कि यह कार्यवाई हंटरगंज थाना कांड संख्या 117/26 के तहत पुलिस इंस्पेक्टर विपिन कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस के अनुसार, मामला हंटरगंज अंचल निरीक्षक की लिखित शिकायत पर दर्ज किया गया है, जिसमें सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ कर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया गया है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
हाईकोर्ट में दाखिल दस्तावेजों की जांच में मिली विसंगति, मूल अभिलेखों से नहीं मिला रिकॉर्ड , शिकायत के अनुसार, जयशंकर स्टोन इंडस्ट्रीज बनाम झारखंड सरकार मामले में झारखंड हाईकोर्ट में प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अंचल कार्यालय के मूल अभिलेखों एवं निर्गत पंजी के मिलान में पाया गया कि पत्र संख्या 491, दिनांक 4 जून 2025 की मूल प्रविष्टि और न्यायालय में प्रस्तुत दस्तावेजों में अंतर है। उनपर आरोप है कि अंचल अधिकारी हंटरगंज के नाम से जारी पत्र में छेड़छाड़ कर कूटरचित दस्तावेज तैयार किया गया। इसी आधार पर अंचल निरीक्षक ने प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया।
दूसरी ओर भाजपा नेता श्री निवासन ने कहा कि मुझे ‘साजिश के तहत फंसाया गया’ है। गिरफ्तारी के बाद भाजपा नेता ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वे लंबे समय से झारखंड सरकार और जिले के कुछ अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, इसलिए उन्हें राजनीतिक एवं प्रशासनिक साजिश के तहत झूठे मामले में फंसाया गया है। वहीं स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि हाल ही में सिमरिया में आयोजित एक धरना-प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन के खिलाफ तीखी बयानबाजी की थी। जिसमें बोला था देख लिया है, देखेंगे तुम्हारी जेल में कितना जगह देखेंगे ।वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से इस गिरफ्तारी पर कोई प्रतिक्रिया नही आना कई सवालों को जन्म दे रहा है।
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