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Dhanbad News: प्रो. संजीत कुमार पाल को राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार 2024 से किया गया सम्मानित

Dhanbad News: प्रो. संजीत कुमार पाल को राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार 2024 से किया गया सम्मानित
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Dhanbad News: IIT (ISM) Dhanbad ने गर्व के साथ घोषणा की है कि अनुप्रयुक्त भूभौतिकी विभाग के प्रोफेसर और पूर्व प्रमुख, प्रो. संजीत कुमार पाल को राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा प्रदान किया गया। पुरस्कार समारोह 26 सितंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित किया गया, जहाँ भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया।

यह पुरस्कार भूभौतिकी और भूविज्ञान के क्षेत्र में प्रो. पाल के दीर्घकालिक और उत्कृष्ट योगदान को मान्यता देता है। उनके चयन की घोषणा इस वर्ष मई में की गई थी, और अब उन्हें औपचारिक रूप से यह पुरस्कार प्रदान किया गया है।

प्रो. पाल का शोध कार्य कई आधुनिक तकनीकों और तरीकों पर आधारित है, जिनमें यूएवी और सैटेलाइट रिमोट सेंसिंग, ग्रेविटी और मैग्नेटिक मेथड्स, इलेक्ट्रिकल रेसिस्टिविटी टोमोग्राफी, सीस्मिक रिफ्रेक्शन और क्रॉस-होल टोमोग्राफी, ग्राउंड पेनिट्रेटिंग राडार, इंड्यूस्ड पोलराइजेशन, वीएलएफ-ईएम तकनीक शामिल हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग को जियोफिजिक्स डेटा एनालिसिस में जोड़कर इस क्षेत्र को नई दिशा दी है।

उनका कार्य खनन और निकट-सतही भूभौतिकी, खनिज और भूजल अन्वेषण, भू-तकनीकी मॉडलिंग, कोयला खदानों में आग का पता लगाने, पर्यावरण और इंजीनियरिंग भूभौतिकी, पुरातत्व और कृषि अनुप्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रोफेसर पाल ने बर्दवान विश्वविद्यालय से गणित में विज्ञान स्नातक, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से भूभौतिकी में एमएससी टेक और आईआईटी खड़गपुर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।

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सम्मान प्राप्त करने पर प्रो. संजीत कुमार पाल ने कहा, “भारत के राष्ट्रपति से यह राष्ट्रीय भूविज्ञान पुरस्कार प्राप्त करना मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है। यह सम्मान मेरे सहयोगियों और छात्रों की कड़ी मेहनत और योगदान का परिणाम है।” मैं ऐसे शोध कार्यों के लिए समर्पित रहूंगी जो समाज और पर्यावरण के लिए उपयोगी हों।”

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