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Latehar News: मगध कोल परियोजना चमातू के ग्रामीणों ने जताया सीसीएल का विरोध

मगध कोल परियोजना चमातू के ग्रामीणों ने जताया सीसीएल का विरोध
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Latehar News: बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत संचालित मगध कोल परियोजना के विस्थापितों ने सीसीएल व कार्यदायी कंपनी की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया. ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2019 में सीसीएल द्वारा उनके गांव में मगध कोल परियोजना फेज थ्री कोलियरी खोली गयी थी. जिसमें सीसीएल ने गैरमजरूआ जमीन में नौकरी का मुआवजा देने का वादा किया था और समझौते में यह भी कहा गया था कि स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए उन्हें गार्ड, ड्राइवर, मैकेनिक आदि पदों पर रोजगार दिया जायेगा.

लेकिन कार्यदायी कंपनी ने समय-समय पर कुछ लोगों को हटा भी दिया. लेकिन इस बार रोजगार से जुड़े सैकड़ों लोगों को नौकरी से हटाने की बात कही गयी है, जिससे चमातू के विस्थापित ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीणों ने कहा कि सीसीएल को अभी भी इस क्षेत्र में कई एकड़ जमीन पर खनन कार्य करना बाकी है. ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि सीसीएल को नौकरी मुआवजा का अपना वादा पूरा करना चाहिए और स्थानीय लोगों को रोजगार देना चाहिए.

अगर उनके रवैये में सुधार नहीं हुआ तो वे जल्द ही उग्र आंदोलन करेंगे. और सीसीएल का कार्य बाधित करेंगे. चमातु मगध कोल परियोजना चरण तीन के उद्घाटन से पहले आउटसोर्सिंग कंपनी सीसीएल और चमातु के ग्रामीणों के बीच एक बांड तैयार किया गया था, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि जब तक सीसीएल रहेगी, तब तक आपको गार्ड और रोजगार उपलब्ध कराया जायेगा.

जैसे अनाधिकृत जमीन की रसीद काटकर ग्रामीणों को नौकरी दी जायेगी, वैसे ही तरह-तरह का प्रलोभन देकर खदानें शुरू करायी और आज सारे वादों से मुकरकर लोगों को रोजगार से हटा रहे हैं. सीसीएल खुले लगभग 5 वर्ष बीत गये, लेकिन इन पांच वर्षों में स्थानीय ग्रामीण आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. गांव में न पक्की सड़क है, न बिजली, न उच्च शिक्षा के लिए स्कूल, न अस्पताल और यहां तक ​​कि ग्रामीणों को पीने का शुद्ध पानी भी नहीं है.

वहीं, पुनर्वास नीति के तहत लोगों को विस्थापित नहीं किया गया है, जिसके कारण अब ग्रामीणों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है. चमातु गांव के लोगों ने मगध संघमित्रा क्षेत्र के महाप्रबंधक को आवेदन दिया है, जिसमें कहा गया है कि सीसीएल खुलने से पहले विस्थापितों से किया गया वादा अब तक पूरा नहीं हुआ और अब रोजगार से जुड़े सभी लोगों को हटाया जा रहा है.

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अगर हमलोगों की मांग पूरी नही होती है तो आगामी 15 जून से मगध कोल परियोजना को बंद कर देंगे और जवादबेहि सीसीएल की होगी जिसकी प्रतिलिपि लातेहार उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक लातेहार, अनुमंडल पदाधिकारी लातेहार,लातेहार बिधायक प्रकाश राम,परियोजना पदाधिकारी मगध,वीपीआर आउट सोसिंग कंपनी समेत कई अधिकारियों को दिया गया है।

रूपेश अग्रवाल लातेहार 

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