धनबाद पुलिस केंद्र में मंगलवार से तीन दिवसीय कोयला क्षेत्रीय पुलिस ड्यूटी मीट–2026 का विधिवत शुभारंभ हुआ। 5 से 7 अगस्त तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को अपराध अनुसंधान की आधुनिक और वैज्ञानिक तकनीकों से प्रशिक्षित करना तथा उनकी व्यावहारिक दक्षता का मूल्यांकन करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों की जांच क्षमता, साक्ष्य संग्रह और वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ी कार्यकुशलता को परखा जाएगा।

धनबाद पुलिस केंद्र स्थित सभागार में आयोजित उद्घाटन समारोह में बोकारो प्रक्षेत्र के आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। समारोह में धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार, सिटी एसपी ऋत्विक श्रीवास्तव, ग्रामीण एसपी मो. एस. याकूब, डीएसपी प्रकाश सोय, साइबर डीएसपी प्रदीप साव, सीआईडी एवं एफएसएल के अधिकारी, जिले के विभिन्न थाना प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं जवान उपस्थित रहे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए आईजी शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने कहा कि पुलिस ड्यूटी मीट केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पुलिस अनुसंधान की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का प्रभावी मंच है। उन्होंने बताया कि इसमें फोटोग्राफी, वैज्ञानिक अपराध अनुसंधान, घटनास्थल से साक्ष्य संग्रह, साक्ष्यों की पैकिंग एवं फॉरवर्डिंग सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय पुलिस ड्यूटी मीट में भाग लेने का अवसर मिलता है, जहां से चयनित प्रतिभागी राष्ट्रीय पुलिस ड्यूटी मीट तक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं।
आईजी ने कहा कि वर्तमान समय में अपराध अनुसंधान तेजी से तकनीक आधारित हो रहा है। ऐसे में पुलिसकर्मियों के लिए वैज्ञानिक जांच पद्धतियों, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण और आधुनिक फॉरेंसिक तकनीकों की जानकारी बेहद आवश्यक है। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिस बल को और अधिक दक्ष, सक्षम तथा पेशेवर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि तीन दिवसीय इस आयोजन से पुलिस अधिकारियों और जवानों को नई तकनीकों तथा अनुसंधान के आधुनिक तरीकों की व्यावहारिक जानकारी प्राप्त होगी, जिससे अपराधों की जांच और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बन सकेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव का लाभ पुलिसकर्मी अपने दैनिक कार्यों में भी उठाएंगे।
एसएसपी ने इस अवसर पर आम नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि वाहन चालक रॉन्ग साइड में वाहन चलाने से बचें और सभी यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करें, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि धनबाद जिले में पासपोर्ट सत्यापन की प्रक्रिया अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी है, जिससे लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन किया जा रहा है और आम लोगों को पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिल रही है।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने के साथ-साथ अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार लाने में सहायक साबित होंगे।
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