ईरान और अमेरिका के बीच हमले तेज होने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से आग लग चुकी है। ब्रेंट क्रूड का भाव एक बार फिर से 100 डॉलर के करीब पहुंच चुका है।
ईरान युद्ध की स्थिति और गंभीर होने के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला है। दरअसल ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने में यूएई के तेल ठिकानों पर फिर से हमला किया है। सउदी अरब के एनर्जी मिनिस्टर ने कहा है कि हमले की वजह से कई तेल ठिकानों पर कामकाज पर असर पड़ा है और काम रोक देना पड़ा है।
इस हमले के बाद दुनिया के देग्गज इन्वेस्टमेंट बैंकर गोल्डमेन सैक्स ने कच्चे तेल के अनुमान में बढ़ोतरी कर दी है। दिसंबर 2026 की कीमतों में बैंकर ने 5 डॉलर की बढ़ोतरी की है। इसके अनुसार ब्रेंट का भाव 85 डॉलर और WTI का भाव 80 डॉलर कर दिया है।
दुनिया के सबसे सबसे बड़े तेल निर्यातक सउदी अरब के ने कहा कि हमले के हुए नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। साथ ही तेल ठिकानों पर लगी आग पर काबू पाने की कोशिश की जा रही है। हूती विद्रोहियों के हमले में 70 लोगों के घायल होने की खबर है।
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता ने कहा कि अरामको कंपनी की दक्षिणी फैसिलिटी पर बैलेस्टिक मिसाइल और ड्रोन स हमला किया गया है।
युद्ध में गर्माहट आने की वजह नेवी वॉरशिप पर पिछले हफ्ते हुए ईरानी मिसाइल हमला है। जिसके बाद अमेरिका ने तीन ईरानी टैंकर पर शनिवार को हमला किया था। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को अमेरिका में एक पोस्ट में कहा कि “जब हम ईरान के साथ युद्ध जीतेंगे तो तेल की कीमतें तेजी से गिरेंगी.”

अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत हुई थी इसके 170 दिनों बाद महज कुछ दिनों की सीजफायर देखने को मिली थी उसके बाद से युद्ध बदस्तूर जारी है।




