जामताड़ा में आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा आयोजित पांच दिवसीय रामायण शिविर का रविवार को भव्य समापन हुआ। न्यू टाउन स्थित ओल्ड बीएसएनएल गली में आयोजित इस विशेष शिविर में 7 से 13 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सनातन संस्कृति, नैतिक मूल्यों और रामायण के आदर्शों से जोड़ते हुए उनके व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देना था।

समापन समारोह के दौरान बच्चों ने रामायण की चौपाइयों, दोहों और हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ कर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके साथ ही बच्चों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान जी की वेशभूषा धारण कर मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित अभिभावकों और दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन आर्ट ऑफ लिविंग की सीनियर फैकल्टी डॉ. संध्या सिन्हा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला आदर्श मार्गदर्शक है। उन्होंने बच्चों के जीवन में संस्कार, अनुशासन, नैतिकता और पारिवारिक मूल्यों के महत्व पर विशेष जोर दिया।
मीडिया कोऑर्डिनेटर विजय भगत ने कहा कि बच्चों में सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना विकसित करने के उद्देश्य से भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और अभिभावकों ने सामूहिक रूप से प्रसाद ग्रहण किया तथा जय श्रीराम के जयघोष के साथ शिविर का सफल समापन हुआ।
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