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असम में हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, अधिकारों की लड़ाई को बताया असली चुनावी मुद्दा

On: March 29, 2026 12:00 PM
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असम में हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, अधिकारों की लड़ाई को बताया असली चुनावी मुद्दा
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हेमंत सोरेन ने शनिवार को असम में चुनाव प्रचार का आगाज़ करते हुए आदिवासी और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई को चुनाव का केंद्रीय मुद्दा बताया। उन्होंने कोकडाझार जिले के गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र में झामुमो प्रत्याशी फ्रेडरिक्सन हांसदा के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित किया।

सभा को संबोधित करते हुए सोरेन ने झारखंड की वीर परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के आदिवासियों ने आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और कभी गुलामी स्वीकार नहीं की। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अब झुकने का समय नहीं बल्कि अपने अधिकार लेने का समय है। उनके मुताबिक यह चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का नहीं बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाने का अभियान है।

चाय बागान मजदूरों के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि असम के श्रमिकों को अब तक उनका हक नहीं मिला है और झामुमो उनके संघर्ष में साथ खड़ा है। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा देने वाला नहीं बल्कि लेने वाला पार्टी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पैसे और ताकत के दम पर संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करते हैं और चुनाव के समय केवल मीठी बातें करते हैं जो जमीनी हकीकत से कोसों दूर होती हैं।

सोरेन ने शिक्षा को सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम बताते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ी को डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और प्रोफेसर बनाना ही वास्तविक बदलाव है। उन्होंने दावा किया कि झारखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। जिसके चलते अब अभिभावक निजी स्कूलों से बच्चों को निकालकर सरकारी स्कूलों में दाखिला दिला रहे हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य के सरकारी स्कूलों के 9,000 सीटों के लिए 40 हजार बच्चों ने परीक्षा दी है जो बेहतर शिक्षा व्यवस्था का संकेत है। साथ ही आदिवासी युवाओं की उच्च शिक्षा का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन करने की योजना का जिक्र करते हुए कहा कि असम में भी ऐसी व्यवस्था लागू करने की इच्छा है।

अपने संबोधन के अंत में सोरेन ने कहा कि यह चुनाव भविष्य की दिशा तय करेगा और वंचित समाज को मुख्यधारा में लाने का अवसर पैदा करेगा। असम में झामुमो अपने दम पर चुनाव लड़ रही है। 15 साल बाद एक बार फिर से असम में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। कुल 18 साटों पर जेएमएम चुनाव लड़ रही है। चुनाव प्रचार के लिए पार्टी ने मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन सहित 21 स्टार प्रचारक का चुनाव किया है। 9 अप्रैल को असम में चुनाव होना है।

इसे भी पढ़ें- दुनिया में चल रही है एक और युद्ध की तैयारी!

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