भारत में ट्रेड यूनियनों द्वारा आज भारत बंद का ऐलान किया गया है। इस देशव्यापी हड़ताल में बैंक कर्मचारियों सहित लगभग 30 करोड़ मजदूरों के भाग लेने का दावा किया गया है। इस हड़ताल का मुख्य कारण नए लेबर कोड का विरोध और 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग के चलते आज भारत बंद का एलान किया गया है। इस देशव्यापी हड़ताल के चलते बैंकिंग और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। देश के 10 बड़े ट्रेड यूनियनों में मिलकर भारत बंद का ऐलान किया है।

इससे पहले 9 जुलाई 2025 के विरोध प्रदर्शन के दौरान करीब 25 करोड़ कर्मचारियों ने हिस्सा लिया था। ट्रेड यूनियनों के अनुसार आज के भारत बंद से 600 से अधिक जिलों में कार्यों को प्रभावित होने की आशंका है। जबकि पिछले साल के विरोध प्रदर्शन में लगभग 550 जिले शामिल थे। यह विरोध केंद्र की श्रमिक-विरोधी, किसान-विरोधी और कॉर्पोरेट-समर्थक नीतियों के खिलाफ बुलाई गई है। यूनियनों के संयुक्त मंच ने कहा कि किसान समूह, कृषि मजदूर यूनियन, छात्र, युवा संगठन और दूसरे कई संगठनों ने इसका समर्थन दिया है।
हालांकि इस बंद के दौरान अस्पताल, एम्बुलेंस मेडिकल स्टोर और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह की जारी रहेंगी। इसके अलावा निजी दफ्तर और एटीएम सेवाएं भी पूरी तरह खुले रहेंगे। एयरपोर्ट और हवाई सेवाएं जारी रहेंगी। वहीं सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, औद्योगिक क्लस्टर और निजी स्थानों सहित सभी सेक्टरों में हड़ताल के नोटिस जारी किए गए हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जिला और ब्लॉक स्तर पर अभियान चलाए गए हैं। फिलहाल देश के कुछ हिस्सों में हड़ताल का असर दिख रहा है।
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