रांची के रिम्स में बने आश्रय स्थल और अस्पताल की व्यवस्थाओं (Hospital’s facilities) को लेकर रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आश्रय स्थल, कैंटीन और अस्पताल की व्यवस्थाओं (Hospital’s facilities) का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद उन्होंने कहा कि करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से बने पांच मंजिला, 310 बेड वाले आश्रय स्थल का उद्देश्य गरीब मरीजों और उनके परिजनों को बेहतर सुविधा (Hospital’s facilities) उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति चिंताजनक है।

संजय सेठ ने बताया कि निरीक्षण के दौरान आश्रय स्थल की दोनों लिफ्ट खराब मिलीं। अधिकारियों से पूछने पर जानकारी मिली कि लिफ्ट लंबे समय से खराब हैं और उनका एएमसी वार्षिक रखरखाव अनुबंध भी नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि ऊपरी मंजिलों के कॉरिडोर में पानी जमा था, जिसकी वजह टूटी हुई पाइलाइन थी।
बता दें कि उन्होंने कहा कि उनकी परिकल्पना थी कि यहां धर्मार्थ भोजनालय संचालित हो, जहां मरीजों के परिजनों को बेहद कम कीमत पर भोजन मिले। लेकिन कैंटीन में खाने-पीने की वस्तुएं अपेक्षा से काफी महंगे दामों पर बिकती मिलीं, जिससे योजना का मूल उद्देश्य प्रभावित होता दिखा।
संजय सेठ ने कहा कि उनका किसी व्यक्ति पर आरोप लगाने का उद्देश्य नहीं है, लेकिन इन व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य मंत्री की है। उन्होंने कहा कि सीएसआर के तहत बड़ी मेहनत से राशि जुटाकर यह आश्रय स्थल बनाया गया था, इसलिए इसकी देखरेख और रखरखाव भी उसी गंभीरता से होना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि 21 जुलाई को होने वाली रिम्स गवर्निंग बॉडी की बैठक में इन मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा होगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
READ ALSO – Sonam Wangchuk के लिए आवाज उठाया झारखंड सरकार, सरकार के वादाखिलाफी, कानून-व्यवस्था पर दें ध्यान
READ ALSO – IIT ISM धनबाद के GJLT सभागार में “युवा संगोष्ठी” का आयोजन, सभागार में उपस्थित रहे 223 युवा





