आज देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की 7वीं पुण्यतिथि है। 16 अगस्त 2018 को 93 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ था। उनकी पुण्यतिथि पर नई दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर कई केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ नेता और उनकी दत्तक पुत्री नमिता कौल भट्टाचार्य भी मौजूद रहीं।

अटल बिहारी वाजपेयी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे। वे पहली बार 16 से 31 मार्च 1996 तक प्रधानमंत्री बने। इसके बाद 19 मार्च 1998 से 13 मई 2004 तक लगातार प्रधानमंत्री रहे। वे नेहरू के बाद पहले ऐसे नेता थे जिन्होंने लगातार तीन लोकसभा चुनाव जीतकर प्रधानमंत्री पद संभाला। वहीं, इंदिरा गांधी के बाद वे पहले नेता बने जिन्होंने लगातार तीन बार अपनी पार्टी को लोकसभा चुनाव में विजय दिलाई।
उनका जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वाजपेयी चार दशकों से अधिक समय तक सक्रिय राजनीति में रहे और 1957 से संसद सदस्य रहे।
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उनके योगदान के लिए उन्हें कई सम्मान मिले। वर्ष 1992 में उन्हें पद्म विभूषण, वर्ष 2015 में भारत रत्न प्रदान किया गया। इसके अलावा उन्हें लोकमान्य तिलक पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ सांसद पुरस्कार और कई अन्य सम्मानों से भी नवाजा गया।
वाजपेयी भारतीय राजनीति में अपने सशक्त नेतृत्व, ओजस्वी भाषणों और सर्वसमावेशी दृष्टिकोण के लिए सदैव याद किए जाएंगे।











