पलामू के मोहम्मदगंज थाना क्षेत्र में एक हत्या की जांच करते-करते पुलिस ऐसे राज तक पहुंची, जिसने करीब 11 महीने पुराने दूसरे हत्याकांड की परतें खोल दीं। पुलिस के अनुसार, अवैध संबंध से शुरू हुआ विवाद बदले की आग में बदल गया और देखते ही देखते दो लोगों की जान चली गई।
मामला वर्ष 2025 के दशहरे के समय का है। पुलिस जांच में सामने आया कि नंदन मुसहर की हत्या उसकी पत्नी के दूसरे व्यक्ति (संतोष मुसहर) के साथ रहने को लेकर हुए विवाद के बाद की गई थी। आरोप है कि नंदन को गढ़वा जिले के खरसोता गांव के पास ले जाकर हत्या कर दी गई और शव को कोयल नदी में बहा दिया गया।
नंदन की हत्या के बाद उसके पिता दिनेश मुसहर को भी धमकी दी गई। बेटे की हत्या और धमकी से आहत दिनेश के मन में बदले की आग भड़क उठी। पुलिस के मुताबिक इसके बाद उसने संतोष मुसहर के चाचा मुटुर मुसहर को निशाना बनाया।
दिनेश मुटुर को काम दिलाने के बहाने बिहार के डेहरी ऑन सोन ले गया। वहां सोन नदी किनारे श्मशान घाट के पास कंबल दिलाने के बहाने ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को दफना दिया गया।
मुटुर के अपहरण और हत्या को लेकर 10 अगस्त 2026 को मोहम्मदगंज थाना में मामला दर्ज हुआ। जांच के दौरान पुलिस ने दिनेश मुसहर, विकाश मुसहर, गोविन्द्र मुसहर और श्रवण मुसहर को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर सोन नदी किनारे से मुटुर का नर-कंकाल बरामद किया गया।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को नंदन की हत्या की कड़ी भी मिल गई। इस मामले में संतोष मुसहर, धरमेन्द्र मुसहर और नन्दु मुसहर के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने संतोष और धरमेन्द्र को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
इस तरह एक हत्या की जांच ने दूसरी हत्या का राज खोल दिया। पुलिस के अनुसार, एक कत्ल का बदला लेने के लिए शुरू हुआ खूनी सिलसिला आखिरकार दो हत्याओं तक पहुंचा और करीब 11 महीने बाद दोनों घटनाओं की कड़ियां सामने आ गईं।
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