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झारखंड में Rajya Sabha elections को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया : परिमल नथवानी का नामांकन किया गया स्वीकार

On: June 10, 2026 5:16 PM
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झारखंड में Rajya Sabha elections को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया : परिमल नथवानी का नामांकन किया गया स्वीकार
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झारखंड में Rajya Sabha elections को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच राज्य विधानसभा में ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं।  Rajya Sabha elections में नामांकन दाखिल करने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी समर्थित परिमल नथवानी की उम्मीदवारी को उनके नाम को लेकर हुई उलझन के कारण रोक दिया था क्यों कि ऐसा कहा जा रहा है था कि रिकॉर्ड में उनका नाम कहीं ‘परिमल नथवानी’ तो कहीं ‘थनवानी परिमल’ दर्ज था।जिसके कारण कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने इस अंतर पर आपत्ति जताई थी,जिसके चलते नामांकन प्रक्रिया को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था।

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बता दें कि दो दिन के विवाद के बाद आखिरकार परिमल नथवानी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है। झारखंड के राजनिती में सबसे बड़ी बात यह कि झारखंड में राज्यसभा की दो सीटें खाली हैं, लेकिन मैदान में तीन उम्मीदवार हैं। परिमल नथवानी बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार हैं, जबकि गठबंधन ने बैद्यनाथ राम (JMM से) और प्रणव झा (कांग्रेस से) को मैदान में उतारा है।

दरसल बात ऐसी है कि झारखंड की राजनिती लोगों को शुरू कंफ्युज करते आई है और अभी भी राज्यसभा के चुनाव में अटकले बढ़ती जा रही है,अभी लोग सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच राज्य विधानसभा में ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन  कर रहे थे लेकिन तभी परिमल नथवानी का नामांकन को मंजूरी दे दी गई है। जब कि कांग्रेस नेताओं का मांग थी की परिमल नथवानी का नामांकन  कर दिया जाए ,उनका ये दावा था की   लोकतंत्र के रक्षा के लिए वो उनकी कांग्रेस पार्टी  कुछ भी कर सकती है ,शायद उन्हें ऐसा लगता था कि परिमल नथवानी का नामांकन रद्द हो जायेगी तो  लोकतंत्र की रक्षा हो जायेगी।

वही राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी विवाद के बीच आज झारखंड विधानसभा पहुंचे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के नामांकन में कथित त्रुटियों को लेकर अपनी बात रखी। हालांकि विधानसभा पहुंचने के बावजूद उन्हें अपनी बात विस्तार से रखने का अवसर नहीं मिला।

मीडिया से बातचीत करते हुए सलमान खुर्शीद ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करने के प्रयास में कांग्रेस की भागीदारी और अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का पक्ष पहले से ही मजबूत था और इसी को स्पष्ट करने के लिए वे दिल्ली से रांची आए थे।

सलमान खुर्शीद ने आरोप लगाया कि वे दोपहर 12:30 बजे तक पहुंच गए थे, लेकिन तब तक मामले को बंद कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह कहकर रोक दिया गया कि उनकी बात पहले ही सुनी जा चुकी है और अब आगे सुनने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने कहा, “यह मेरा दुर्भाग्य है कि मैं दिल्ली से यहां इस मुद्दे को स्पष्ट करने और बहस करने के लिए आया था, लेकिन मुझे अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।”

कांग्रेस के मंत्री विधायक कार्यकर्ता सैकड़ो की संख्या में नथवानी के नामांकन के विरोध में विधानसभा के भीतर अशांति व्यवस्था फैलाने का काम कर थे।राज्यसभा चुनाव के दौरान उन्हें हार की चिंता समा गई,कांग्रेस के लोग विधानसभा के अंदर विधानसभा के निर्वाचित पदाधिकारी पर दवाब बनाना चाह रहे थे ।

अंतत: काफी राजनितीक हलचल के बाद आखिरकार परिमल नथवानी का नामांकन स्वीकार कर लिया गया है।और अब देखा जाऐगा की अब झारखंड की राजनिती कैसी तुल पकड़ती है।

 

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