Prime Minister ने PM के तौर पर सबसे लंबे कार्यकाल का रिकॉर्ड बनाया। बता दें कि इस मौके पर कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित चैंबर भवन में Prime Minister मोदी के लिए बीजेपी द्वारा आयोजित ‘विकसित भारत संकल्प सम्मेलन’ में हिस्सा लिया। केंद्रीय मंत्री ने Prime Minister मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल को ‘विकसित भारत’ की झलक बताते हुए उन्होंने कहा कि देश के हित के लिए में जल्द ही कोयला की बड़ी खदानें खोली जाएंगी। झारखंड में खनन कार्य शुरू होने से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होने की सभवंना है, जिसे झारखंड में काफी हद तक बे रोजगारी कम होगी।बेरोजगार युवाओं के लिए भी रोजगार का अवसर मिलेगा।

बता दें कि इस सम्मेलन का उद्देश्य “भरोसे, विकास और जन-कल्याण के 12 साल” था। कार्यक्रम में जमशेदपुर लोकसभा सांसद विद्युत बरन महतो, जमशेदपुर पूर्वी विधायक पूर्णिमा साहू और बीजेपी जिला अध्यक्ष मौजूद थे।चर्चा का केंद्र केंद्रीय सरकार की पिछले 12 वर्षों की उपलब्धियां,जन-कल्याणकारी योजनाएं और ‘विकसित भारत’ बनाने का संकल्प रहा। केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की शासन प्रणाली की सोच और काम करने के तरीके को बदल दिया है। सेवा भाव, सुशासन और अंत्योदय को प्राथमिकता देकर यह सुनिश्चित किया गया है कि विकास का लाभ समाज के सबसे वंचित वर्गों तक पहुंचे।
सात हि उनका कहना था कि गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, वंचितों और आदिवासी समुदायों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रधानमंत्री का संकल्प आज देश के हर कोने में दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के मामले में नई ऊंचाइयां छू रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि जन-भागीदारी और सामूहिक संकल्प के दम पर ‘विकसित भारत 2047’ का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल किया जाएगा।
कोयला और खान राज्य मंत्री ने इस बात पर जोर दिया और कहा कि देश के विकास और आर्थिक मजबूती के लिए झारखंड की भरपूर खनिज संपदा का सही और बड़े पैमाने पर इस्तेमाल बहुत जरूरी है। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।बहुत दिनों से बंद पड़ी तांबे की खदानों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में देश के विकास के लिए तांबा एक ज़रूरी खनिज है। उन्होंने केन्दाडीह में लंबे समय से बंद पड़ी तांबे की खदान के फिर से खुलने पर खुशी जताई और इस पहल के लिए स्थानीय सांसद विद्युत बरन महतो की लगातार कोशिशों की तारीफ़ की। कोयला राज्य मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश के हित में भविष्य में तांबे, ज़रूरी खनिजों और कोयले की कई और खदानें भी खोली जाएंगी। कोयला गैसीफिकेशन प्रोजेक्ट के बारे में बात करते हुए उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक “ड्रीम प्रोजेक्ट” यानी एक महत्वाकांक्षी योजना बताया। भारत सरकार ने इस योजना को पूरा करने के लिए ₹37,500 करोड़ का बड़ा फंड मंज़ूर किया है।
उन्होंने बताया कि सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में रोड शो कर रही है। हैदराबाद में एक रोड शो हो चुका है, जबकि महाराष्ट्र और दिल्ली में भी ऐसे ही बड़े कार्यक्रम करने की योजना है। उन्होंने कहा कि एक बार टेंडर की प्रक्रिया शुरू होने के बाद कंपनियों को बुलाया जाएगा और काम की रफ़्तार बढ़ाई जाएगी। राज्यों के साथ सहयोग पर अपना रुख साफ़ करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना से किसी भी राज्य को बाहर नहीं रखा जाएगा; जो भी राज्य सरकार विकास के प्रति सकारात्मक नज़रिया अपनाएगी, केंद्र सरकार उसे पूरा सहयोग देगी।
कोयला एक्सचेंज पर हाल ही में जारी नोटिफिकेशन से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समय की ज़रूरतों और मौजूदा हालात के हिसाब से नियम-कानूनों में बदलाव किए जाते हैं। उन्होंने साफ़ किया कि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है जिसका मकसद एक पारदर्शी और सुचारू रूप से काम करने वाला सिस्टम बनाए रखना है।
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